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Kullu News: बुखार दिखे तो सतर्क हो जाइए, तुरंत इलाज करवाइए
Sun, 07 Sep 2025 10:13 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 07 Sep 2025 10:13 PM IST
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बीमारी की बढ़ती आहट को भांप कर स्वास्थ्य विभाग ने मैदान में संभाला मोर्चा
विभाग ने जारी की एडवाइजरी, घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करेंगी आशा कार्यकर्ता
पहचान करने के बाद सीएचओ करेंगे मरीजों का प्राथमिक उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। स्क्रब टायफस की बढ़ती आहट को भांपते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब मैदान संभाल लिया है। जिले में घर-घर स्क्रीनिंग, समय पर पहचान और जागरूकता के जरिये इस मौसमी बीमारी पर रोक लगाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
राज्य में बढ़ते मामलों को देखते हुए विभागीय एडवाइजरी जारी कर दी गई है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित मरीजों की पहचान करेंगी जबकि सीएचओ प्राथमिक उपचार मुहैया कराएंगे। शिक्षकों से लेकर पंचायत प्रतिनिधि तक, हर हाथ अब जागरूकता की मशाल लेकर आगे आएगा ताकि संक्रमण न फैले और वक्त रहते इलाज शुरू हो सके। राज्य के विभिन्न हिस्सों से हाल में स्क्रब टायफस के मामलों में वृद्धि हुई है। विभाग ने कुल्लू में घर-द्वार स्क्रीनिंग और उपचार का प्लान तैयार किया है।
गौरतलब है कि इनके सहयोग से स्क्रब टायफस के लक्षणों की शीघ्र पहचान, रोकथाम के तरीकों और समय पर उपचार के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि स्क्रब टायफस से रोकथाम के लिए प्लान तैयार है। 525 आशा कार्यकर्ता घर-द्वार बुखार के रोगियों की स्क्रीनिंग करेंगी और स्क्रब टायफस के लक्षण दिखने पर संबंधित क्षेत्र के सीएचओ मरीजों का उपचार करेंगे।
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तीव्र बुखार से पीड़ित मरीजों का डॉक्सीसाइक्लिन या एजिथ्रोमाइसिन से संभावित उपचार किया जाएगा। सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में इन दवाओं का पर्याप्त भंडार बना रहे। -डॉ. एन आर पवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
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स्क्रब टायफस से ऐसे करें बचाव
खेतों में काम करते समय हाथ और पैर की सुरक्षा के लिए पूरी लंबाई के कपड़े पहनें। घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें और खरपतवार न उगने दें। घास काटने या घनी वनस्पतियों के संपर्क में आने जैसी गतिविधियों के बाद स्नान अवश्य करें। शरीर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पालतू जानवरों की नियमित सफाई करें। संक्रमित पिस्सुओं के काटने से बचने के लिए जमीन पर न सोएं। हरे घास के मैदान में न बैठें और न ही लेटें।
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विभाग ने जारी की एडवाइजरी, घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करेंगी आशा कार्यकर्ता
पहचान करने के बाद सीएचओ करेंगे मरीजों का प्राथमिक उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। स्क्रब टायफस की बढ़ती आहट को भांपते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब मैदान संभाल लिया है। जिले में घर-घर स्क्रीनिंग, समय पर पहचान और जागरूकता के जरिये इस मौसमी बीमारी पर रोक लगाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
राज्य में बढ़ते मामलों को देखते हुए विभागीय एडवाइजरी जारी कर दी गई है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित मरीजों की पहचान करेंगी जबकि सीएचओ प्राथमिक उपचार मुहैया कराएंगे। शिक्षकों से लेकर पंचायत प्रतिनिधि तक, हर हाथ अब जागरूकता की मशाल लेकर आगे आएगा ताकि संक्रमण न फैले और वक्त रहते इलाज शुरू हो सके। राज्य के विभिन्न हिस्सों से हाल में स्क्रब टायफस के मामलों में वृद्धि हुई है। विभाग ने कुल्लू में घर-द्वार स्क्रीनिंग और उपचार का प्लान तैयार किया है।
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गौरतलब है कि इनके सहयोग से स्क्रब टायफस के लक्षणों की शीघ्र पहचान, रोकथाम के तरीकों और समय पर उपचार के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि स्क्रब टायफस से रोकथाम के लिए प्लान तैयार है। 525 आशा कार्यकर्ता घर-द्वार बुखार के रोगियों की स्क्रीनिंग करेंगी और स्क्रब टायफस के लक्षण दिखने पर संबंधित क्षेत्र के सीएचओ मरीजों का उपचार करेंगे।
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तीव्र बुखार से पीड़ित मरीजों का डॉक्सीसाइक्लिन या एजिथ्रोमाइसिन से संभावित उपचार किया जाएगा। सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में इन दवाओं का पर्याप्त भंडार बना रहे। -डॉ. एन आर पवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
स्क्रब टायफस से ऐसे करें बचाव
खेतों में काम करते समय हाथ और पैर की सुरक्षा के लिए पूरी लंबाई के कपड़े पहनें। घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें और खरपतवार न उगने दें। घास काटने या घनी वनस्पतियों के संपर्क में आने जैसी गतिविधियों के बाद स्नान अवश्य करें। शरीर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पालतू जानवरों की नियमित सफाई करें। संक्रमित पिस्सुओं के काटने से बचने के लिए जमीन पर न सोएं। हरे घास के मैदान में न बैठें और न ही लेटें।