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अपने हक के लिए सड़कों पर उतरे सैकड़ों कामगार
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कुल्लू/ बंजार/पतलीकूहल। जिले में हक के लिए सैकड़ों कामगार सड़कों पर उतरे। मनरेगा और निर्माण मजदूर यूनियन ने बंजार, कुल्लू और पतलीकूहल में सीटू के बैनर तले प्रदर्शन किया।
मनरेगा कामगारों ने नेहरू पार्क सरवरी से खंड विकास अधिकारी कुल्लू के कार्यालय तक रैली निकाली। सैकड़ों कामगारों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बीडीओ कार्यालय का घेराव भी किया। सीटू के जिला महासचिव राजेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा के बजट में हर साल कटौती कर रही है। इसके कारण मनरेगा के तहत काम कम हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में कामगारों की दिहाड़ी 212 रुपये तय की गई है, लेकिन असेसमेंट के नाम पर दिहाड़ी काट दी जाती है जो सरासर गलत है। माह में एक बार सभी पंचायतों में रोजगार मेले का आयोजन किया जाना चाहिए। इससे मनरेगा में काम करने के वाले इच्छुक जॉबकार्ड धारकों को काम मिल सके। सीटू के जिलाध्यक्ष सरचंद ठाकुर ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार मनरेगा कामगारों का शोषण कर रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। समूचे सूबे में बुधवार को खंड स्तर पर प्रदर्शन कर खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है।
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ज्ञापन में प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम दैनिक मजदूरी 350 रुपये करने की मांग की गई है। मनरेगा में आठ घंटे काम करने पर निर्धारित पूरी मजदूरी दी जाए। कामगारों को 120 के बजाय 200 दिनों का रोजगार दिया जाए। उन्होंने कहा कि नग्गर और बंजार खंड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया गया।
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मनरेगा कामगारों ने नेहरू पार्क सरवरी से खंड विकास अधिकारी कुल्लू के कार्यालय तक रैली निकाली। सैकड़ों कामगारों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बीडीओ कार्यालय का घेराव भी किया। सीटू के जिला महासचिव राजेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा के बजट में हर साल कटौती कर रही है। इसके कारण मनरेगा के तहत काम कम हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि मनरेगा में कामगारों की दिहाड़ी 212 रुपये तय की गई है, लेकिन असेसमेंट के नाम पर दिहाड़ी काट दी जाती है जो सरासर गलत है। माह में एक बार सभी पंचायतों में रोजगार मेले का आयोजन किया जाना चाहिए। इससे मनरेगा में काम करने के वाले इच्छुक जॉबकार्ड धारकों को काम मिल सके। सीटू के जिलाध्यक्ष सरचंद ठाकुर ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार मनरेगा कामगारों का शोषण कर रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। समूचे सूबे में बुधवार को खंड स्तर पर प्रदर्शन कर खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है।
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ज्ञापन में प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम दैनिक मजदूरी 350 रुपये करने की मांग की गई है। मनरेगा में आठ घंटे काम करने पर निर्धारित पूरी मजदूरी दी जाए। कामगारों को 120 के बजाय 200 दिनों का रोजगार दिया जाए। उन्होंने कहा कि नग्गर और बंजार खंड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया गया।