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कुल्लू में सड़कों पर उतरे सैकड़ों राफ्टर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू में सैकड़ों राफ्टर सड़कों पर उतरे। राफ्टर दो माह से बंद पड़ी गतिविधियों को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग को दरकिनार किया जा रहा है। ऐसे में मंगलवार को राफ्टर एसोसिएशन कुल्लू ने मोर्चा खोला।
सरवरी स्थित नेहरू पार्क से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक लोअर ढालपुर और ढालपुर चौक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा न्यायालय परिसर होते हुए रैली निकाली गई। उपायुक्त कार्यालय के बाहर राफ्टरों ने प्रदर्शन किया। इसके उपरांत उपायुक्त कुल्लू को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें साहसिक खेल गतिविधियों को शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। राफ्टिंग एसोसिएशन कुल्लू के अध्यक्ष श्याम चंद अत्री ने कहा कि दो माह से ब्यास में राफ्टें नहीं चली हैं। विगत दो फरवरी को राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी, जिसमें राफ्टिंग बोट का निरीक्षण करने का हवाला दिया गया था। निरीक्षण के बाद राफ्टिंग गतिविधियों को बहाल करने की बात कही गई थी, लेकिन निरीक्षण और पासिंग होने के बावजूद राफ्टिंग गतिविधियों को जिले में अभी तक बहाल नहीं किया गया है। साहसिक खेल गतिविधियां बहाल न होने से करीब दस हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पहले कोरोना ने दो साल गतिविधियों को प्रभावित किया और अब बंद कर दी है, जिसकेे कारण आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन और राफ्टिंग बंद रही, तो पर्यटन सीजन भी निपट जाएगा। उन्होंने उपायुक्त से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।
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कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू में सैकड़ों राफ्टर सड़कों पर उतरे। राफ्टर दो माह से बंद पड़ी गतिविधियों को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग को दरकिनार किया जा रहा है। ऐसे में मंगलवार को राफ्टर एसोसिएशन कुल्लू ने मोर्चा खोला।
सरवरी स्थित नेहरू पार्क से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक लोअर ढालपुर और ढालपुर चौक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा न्यायालय परिसर होते हुए रैली निकाली गई। उपायुक्त कार्यालय के बाहर राफ्टरों ने प्रदर्शन किया। इसके उपरांत उपायुक्त कुल्लू को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें साहसिक खेल गतिविधियों को शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। राफ्टिंग एसोसिएशन कुल्लू के अध्यक्ष श्याम चंद अत्री ने कहा कि दो माह से ब्यास में राफ्टें नहीं चली हैं। विगत दो फरवरी को राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी, जिसमें राफ्टिंग बोट का निरीक्षण करने का हवाला दिया गया था। निरीक्षण के बाद राफ्टिंग गतिविधियों को बहाल करने की बात कही गई थी, लेकिन निरीक्षण और पासिंग होने के बावजूद राफ्टिंग गतिविधियों को जिले में अभी तक बहाल नहीं किया गया है। साहसिक खेल गतिविधियां बहाल न होने से करीब दस हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पहले कोरोना ने दो साल गतिविधियों को प्रभावित किया और अब बंद कर दी है, जिसकेे कारण आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन और राफ्टिंग बंद रही, तो पर्यटन सीजन भी निपट जाएगा। उन्होंने उपायुक्त से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।
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