{"_id":"67eeb641437183cef8055760","slug":"hundreds-of-devotees-arrived-to-see-the-meeting-of-the-gods-kullu-news-c-89-1-ssml1015-144699-2025-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: देवताओं का मिलन देखने के लिए पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: देवताओं का मिलन देखने के लिए पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु
Thu, 03 Apr 2025 09:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 03 Apr 2025 09:54 PM IST
विज्ञापन
ऊझी घाटी में सरसेई के जबाडी मेले में कुल्लवी नाटी रही आकर्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिपुर (कुल्लू)। ऊझी घाटी के सरसेई में जबाडी मेला मनाया। मेले के अंतिम दिन वीरवार को सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन पाने और देव मिलन देखने के लिए पहुंचे।
मेले में ऊझी घाटी के 13 देवी-देवता लाव-लश्कर संघ शोभा बढ़ाने पहुंचे। इनमें हल्लाण-एक के देवता वासुकी नाग, भोष के देवता वीरनाथ गोहरी, भाड़का की माता खंडासना, बटाहर के देवता पिऊणी नाग, सोयल की माता कोटली, हरिपुर की माता नीलासुरी, सजला के देवता विष्णु नारायण, खखनाल के देवता कार्तिक स्वामी, माता पार्वती, प्रीणी के देवता फाई नाग, सियाल के देवता सियाली महादेव, बडाग्रां की माता सिंघासनी और नग्गर के देवता शेषनाग शामिल रहे।
ग्राम पंचायत सरसेई की प्रधान सरला देवी ने कहा कि मेला 31 मार्च से दो अप्रैल तक मनाया गया। अंतिम दिन वीरवार को खेल स्पर्धाएं भी करवाई गईं। उन्होंने कहा कि मेला में देवी-देवताओं के आगमन के अलावा महिला मंडलों की कुल्लवी नाटी आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने कहा कि मेले में 17 महिला मंडलों की महिलाओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और अपनी प्रस्तुतियों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण व संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिपुर (कुल्लू)। ऊझी घाटी के सरसेई में जबाडी मेला मनाया। मेले के अंतिम दिन वीरवार को सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन पाने और देव मिलन देखने के लिए पहुंचे।
मेले में ऊझी घाटी के 13 देवी-देवता लाव-लश्कर संघ शोभा बढ़ाने पहुंचे। इनमें हल्लाण-एक के देवता वासुकी नाग, भोष के देवता वीरनाथ गोहरी, भाड़का की माता खंडासना, बटाहर के देवता पिऊणी नाग, सोयल की माता कोटली, हरिपुर की माता नीलासुरी, सजला के देवता विष्णु नारायण, खखनाल के देवता कार्तिक स्वामी, माता पार्वती, प्रीणी के देवता फाई नाग, सियाल के देवता सियाली महादेव, बडाग्रां की माता सिंघासनी और नग्गर के देवता शेषनाग शामिल रहे।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत सरसेई की प्रधान सरला देवी ने कहा कि मेला 31 मार्च से दो अप्रैल तक मनाया गया। अंतिम दिन वीरवार को खेल स्पर्धाएं भी करवाई गईं। उन्होंने कहा कि मेला में देवी-देवताओं के आगमन के अलावा महिला मंडलों की कुल्लवी नाटी आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने कहा कि मेले में 17 महिला मंडलों की महिलाओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और अपनी प्रस्तुतियों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण व संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। संवाद
विज्ञापन