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अब ग्रामीण समेत शहरी रूटों में हांपने लगीं बसें
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पीसमील वर्करों की हड़ताल से सड़कों पर खड़ी होनेे लगी बसें, यात्री परेशान
रूट प्रभावित, समयसारिणी के अनुसार नहीं दौड़ रही हैं बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला कुल्लू में अब ग्रामीण समेत शहरी रूटों पर भी हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें हांफने लगी हैं। पीस मील वर्करों की हड़ताल के चलते बसों की नियमित जांच नहीं हो रही है। रोजाना आठ से दस बसें सड़कों पर खड़ी होने लगी हैं। इससे यात्रियों और स्कूली बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण और शहरी रूट प्रभावित होने लगे हैं। निगम को समयसारिणी के अनुसार बसों का संचालन करने में दिक्कत आ रही है। अब कुछ रूटों पर बसों को समायोजित कर चलाया जा रहा है। जिले में शनिवार को करीब आठ रूटों पर बसों का संचालन नहीं किया गया। इस कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
पिछले 13 दिनों से पीसमील वर्कर हड़ताल पर हैं। टूलडाउन हड़ताल के कारण निगम के रेगुलर कर्मचारियों के साथ चालकों-परिचालकों को भी बसों का रखरखाव स्वयं करना पड़ रहा है। बस का टायर बदलने से लेकर धोने तक कार्य चालक-परिचालक कर रहे हैं। निगम के पास 237 बसें हैं। इनमें 20 बसों को रिजर्व रखा गया है। अब इन रिजर्व बसों की सेवाएं लेनी भी शुरू हो गई हैं। निगम के पास रेगुलर कर्मचारी कम होने से समस्या बढ़ गई है। उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बसों का संचालन जारी है। कुछ रूटों पर बसों को समायोजित कर चलाया जा रहा है।
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इन रूटों पर नहीं दौड़ीं बसें
बाराहार, भेखली-ब्यासर, खणीपांद, आशुनाला, पिणी के लिए निगम की बसों का संचालन शनिवार को नहीं किया गया। इसके अलावा कुल्लू से पाहनाला के लिए भी रूट समायोजित किए गए।
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रूट प्रभावित, समयसारिणी के अनुसार नहीं दौड़ रही हैं बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला कुल्लू में अब ग्रामीण समेत शहरी रूटों पर भी हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें हांफने लगी हैं। पीस मील वर्करों की हड़ताल के चलते बसों की नियमित जांच नहीं हो रही है। रोजाना आठ से दस बसें सड़कों पर खड़ी होने लगी हैं। इससे यात्रियों और स्कूली बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण और शहरी रूट प्रभावित होने लगे हैं। निगम को समयसारिणी के अनुसार बसों का संचालन करने में दिक्कत आ रही है। अब कुछ रूटों पर बसों को समायोजित कर चलाया जा रहा है। जिले में शनिवार को करीब आठ रूटों पर बसों का संचालन नहीं किया गया। इस कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
पिछले 13 दिनों से पीसमील वर्कर हड़ताल पर हैं। टूलडाउन हड़ताल के कारण निगम के रेगुलर कर्मचारियों के साथ चालकों-परिचालकों को भी बसों का रखरखाव स्वयं करना पड़ रहा है। बस का टायर बदलने से लेकर धोने तक कार्य चालक-परिचालक कर रहे हैं। निगम के पास 237 बसें हैं। इनमें 20 बसों को रिजर्व रखा गया है। अब इन रिजर्व बसों की सेवाएं लेनी भी शुरू हो गई हैं। निगम के पास रेगुलर कर्मचारी कम होने से समस्या बढ़ गई है। उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बसों का संचालन जारी है। कुछ रूटों पर बसों को समायोजित कर चलाया जा रहा है।
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इन रूटों पर नहीं दौड़ीं बसें
बाराहार, भेखली-ब्यासर, खणीपांद, आशुनाला, पिणी के लिए निगम की बसों का संचालन शनिवार को नहीं किया गया। इसके अलावा कुल्लू से पाहनाला के लिए भी रूट समायोजित किए गए।
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