फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Hotels and homestays have been empty for four months, making loan repayments a challenge.

Kullu News: चार माह से होटल, होम स्टे खाली, लोन की किस्त चुकाना बना चुनौती

Sat, 08 Nov 2025 10:33 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sat, 08 Nov 2025 10:33 PM IST
विज्ञापन
Hotels and homestays have been empty for four months, making loan repayments a challenge.
कुल्लू की तीर्थन घाटी की खस्ताहाल सड़कें रोक रहीं सैलानियों की राह
विज्ञापन


दशहरा और दिवाली सीजन रहे फीके, अब नववर्ष पर टिकी उम्मीद

प्रीतम शर्मा

गुशैणी (कुल्लू)। तीर्थन घाटी में आपदा के बाद से चार महीने से होटल और होम स्टे खाली हैं। इससे पर्यटन कारोबारियों के लिए बैंक लोन की किस्तें निकालना भी चुनौती बन गया है।
खस्ताहाल सड़कें पर्यटन की बहाली में बाधा बनी हुई हैं। आपदा के दौरान घाटी में भारी नुकसान हुआ था। कई जगह भूस्खलन से घरों और जमीनों को नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन


बंजार क्षेत्र में तेजी से बढ़ते पर्यटन को देखते हुए युवाओं ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत होम स्टे और होटल निर्माण के लिए ऋण लिया था लेकिन कामकाज ठप रहने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। पर्यटन कारोबारी अतुल शर्मा, प्रीतम, जीवन शर्मा, इंद्र सिंह, शांति लाल, पंकज कुमार, राजदेव, विपिन शर्मा, रविंद्र सिंह, अमन नेगी, रणधीर सिंह, लोतम राम, भूपेंद्र कुमार, गोवर्धन सिंह, धनी राम, कर्ण सिंह, टेक सिंह और घनश्याम सिंह ने कहा कि जून के बाद से पर्यटन की रफ्तार नहीं लौटी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


--

घाटी के कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कों के साथ मुख्य मार्ग भी अभी तक पूरी तरह दुरुस्त नहीं हुई है। पर्यटन कारोबारियों ने सरकार से एक वर्ष के लिए ब्याज और किस्तें रोकने की मांग की है। स्थानीय लोग बताते हैं कि खराब सड़कों के कारण पर्यटक तीर्थन के बजाय कुल्लू-मनाली का रुख कर रहे हैं। कारोबारियों को नववर्ष सीजन पर पर्यटन की रफ्तार लौटने की उम्मीद है।

--

होटल और होम स्टे के लिए बैंक से ऋण लिया है लेकिन चार महीने से कामकाज ठप है। दशहरा और दिवाली तक भी कारोबार नहीं सुधरा। ऐसी स्थिति में किस्त भरना बेहद मुश्किल हो गया है। - श्याम शास्त्री, बंदल, बंजार



--

पर्यटन पूरी तरह बैठ चुका है। अब उम्मीद सिर्फ नववर्ष पर ही बची है। सरकार को चार महीनों से नुकसान झेल रहे कारोबारियों को तुरंत राहत के लिए ठोस निर्णय लेने चाहिए। - ओंकार शर्मा, गुशैणी, बंजार

--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed