पतलीकूहल/मनाली (कुल्लू)। हिमाचल प्रदेश में बरसात के दौरान भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं ने पर्यटन कारोबार पर असर डाला है। मनाली आने वाले विदेशी सैलानी भी लेह का रुख कर रहे हैं। मनाली के होटल लगभग खाली हैं। होटलियरों को पर्यटकों के आने का इंतजार है। टैक्सी चालक महीने की बैंक किस्तें भी नहीं निकाल पा रहे हैं।
अब पर्यटन कारोबारियों की आस दशहरा सीजन पर टिकी हैं। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि दशहरा सीजन में पर्यटन एक बार फिर से गति पकड़ लेगा। होटलियरों को कोरोना की तीसरी लहर की चिंता सताने लगी है। कोरोना महामारी के चलते पिछले दो वर्षों से मनाली का पर्यटन कारोबार चौपट होने के चलते होटलियर और टैक्सी संचालक परेशान हैं। टैक्सी चालकों सहित होटलियरों को बैंक की किस्तें चुकाने में दिक्कत हो रही है। कोरोना की दूसरी लहर थम जाने के बाद कुछ दिनों के लिए पर्यटन कारोबार ने गति पकड़नी शुरू कर दी है। इन दिनों विदेशी सैलानी मनाली में रुकने के बजाय बाइक पर सवार होकर लेह का रुख कर रहे हैं। उधर, इस संबंध में मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूपराम ठाकुर ने कहा कि अब अक्तूबर माह में दशहरा सीजन पर आस टिकी है। अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो फिर पर्यटन कारोबारियों के लिए हालात और भी मुश्किल हो जाएंगे।