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Kullu News: जंगल की आग बुझाकर बचा लिए आशियाने
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बाड़ी के जंगल में लगी आग, जिसे बड़ी मुश्किल में से ग्रामीणों ने काबू किया।
पतलीकूहल (कुल्लू)। ऊझी घाटी के बाड़ी जंगल में लगी आग पर ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से काबू पाया। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में पावर स्प्रेयर का सहारा लिया, तब जाकर ग्रामीण अपने घरों को सुरक्षित कर पाए। आग से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। जंगल के आग लगने से साथ लगते आशियानों को खतरा पैदा हो जाता है।
रविवार दोपहर से लेकर देर रात तक बाड़ी का जंगल दहकता रहा। ग्रामीण भूपेंद्र, महिंद्र पाल, सुरेंद्र, प्रियांशु, प्रेम, मोहर सिंह, पदम सिंह, अमर चंद, और धर्म सिंह ने पावर स्प्रेयर से जंगल की आग को बुझाया गया। इससे सेब के बगीचों को जलने से बचा लिया। वन विभाग की ओर से हर साल लगने वाली आग से निपटने के प्रयास नहीं किए गए हैं।
अभी तक न तो जंगल में फायर लाइन का निर्माण किया गया है और न ही आग बुझाने के लिए पानी के भंडारण टैंक का निर्माण किया गया है। आग से निपटने के लिए वन विभाग की ओर से किसी प्रकार की तैयारी न होने से ग्रामीणों में रोष है। पिछले साल पांच दिसंबर को भी जंगल में आग लग गई थी, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा था। उन्होंने मांग की कि आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
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कुछ शरारती तत्व टीडी के लिए पेड़ों को सुखाने के लिए जानबूझ कर जंगल में आग लगाते हैं, जिससे पेड़ सूख जाएं। विभाग जंगल में गश्त बढ़ाएगा, जिससे आग लगाने वालों को पकड़ा जाए। जंगल को नुकसान पहुंचाने वालों पर पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
टीटू, वन परिक्षेत्र अधिकारी पतलीकूहल
..संवाद
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रविवार दोपहर से लेकर देर रात तक बाड़ी का जंगल दहकता रहा। ग्रामीण भूपेंद्र, महिंद्र पाल, सुरेंद्र, प्रियांशु, प्रेम, मोहर सिंह, पदम सिंह, अमर चंद, और धर्म सिंह ने पावर स्प्रेयर से जंगल की आग को बुझाया गया। इससे सेब के बगीचों को जलने से बचा लिया। वन विभाग की ओर से हर साल लगने वाली आग से निपटने के प्रयास नहीं किए गए हैं।
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अभी तक न तो जंगल में फायर लाइन का निर्माण किया गया है और न ही आग बुझाने के लिए पानी के भंडारण टैंक का निर्माण किया गया है। आग से निपटने के लिए वन विभाग की ओर से किसी प्रकार की तैयारी न होने से ग्रामीणों में रोष है। पिछले साल पांच दिसंबर को भी जंगल में आग लग गई थी, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा था। उन्होंने मांग की कि आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
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कुछ शरारती तत्व टीडी के लिए पेड़ों को सुखाने के लिए जानबूझ कर जंगल में आग लगाते हैं, जिससे पेड़ सूख जाएं। विभाग जंगल में गश्त बढ़ाएगा, जिससे आग लगाने वालों को पकड़ा जाए। जंगल को नुकसान पहुंचाने वालों पर पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
टीटू, वन परिक्षेत्र अधिकारी पतलीकूहल
..संवाद