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Kullu News: देवता टकरासी नाग के मंदिर की वर्षगांठ पर हवन पाठ शुरू
Thu, 11 Dec 2025 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 11 Dec 2025 10:47 PM IST
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आज होगी पूर्णाहुति, कुल्लू,मंडी के 35 देवताओं को निमंत्रण
टकरासी की चोटी पर बना देवता का काष्ठकुणी शैली का मंदिर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। टकरासी की चोटी पर बने देवता टकरासी नाग के मंदिर की वर्षगांठ मनाई जा रही है। 10 से 12 दिसंबर तक हो रहे धार्मिक अनुष्ठान में पूजा, पाठ और हवन की प्रक्रिया चल रही है।
10 दिसंबर से मंदिर में पंडितों की ओर से हवन पाठ किया जा रहा है। देवता टकरासी नाग को अठारह करडू का पंच माना जाता है। मंदिर भव्य काष्ठकुणी शैली में बना है। वर्षगांठ के लिए अधिष्ठाता देवता खुडीजल के साथ कुंईरी महादेव, माता बूढ़ी नागिन बालू, कोट पझारी, चोतरू नाग, करशाली नारायण, सत्य नारायण फनौटी, रावल ऋषि, पटरानी नाग, बिशलू नाग, देवता शांगडू नाग सहित 35 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया है। शाम तक करीब 30 देवी-देवताओं के कारदार, पुजारी, और गूर सहित अन्य प्रतिनिधि पहुंच गए थे। देवता के धार्मिक कार्यक्रम को लेकर रघुपुर घाटी में खुशी की लहर है। शुक्रवार को पूर्णाहुति कार्यक्रम के दौरान हजारों लोगों के आने की उम्मीद है। इसके लिए देवता मंदिर कमेटी ने तमाम तैयारियां की हैं। देवता की धाम के लिए टकरासी नाग के हारियान क्षेत्र के लोगों की अलग-अलग कमेटियों का गठन किया गया है। कारदार शेर सिंह, अमर चंद और लीला प्रसाद ने कहा कि टकरासी नाग मंदिर की वर्षगांठ मनाई जा रही है। 10 और 11 दिसंबर को हवन पाठ होगा और 12 दिसंबर को पूर्णाहुति डाली जाएगी।
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टकरासी की चोटी पर बना देवता का काष्ठकुणी शैली का मंदिर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। टकरासी की चोटी पर बने देवता टकरासी नाग के मंदिर की वर्षगांठ मनाई जा रही है। 10 से 12 दिसंबर तक हो रहे धार्मिक अनुष्ठान में पूजा, पाठ और हवन की प्रक्रिया चल रही है।
10 दिसंबर से मंदिर में पंडितों की ओर से हवन पाठ किया जा रहा है। देवता टकरासी नाग को अठारह करडू का पंच माना जाता है। मंदिर भव्य काष्ठकुणी शैली में बना है। वर्षगांठ के लिए अधिष्ठाता देवता खुडीजल के साथ कुंईरी महादेव, माता बूढ़ी नागिन बालू, कोट पझारी, चोतरू नाग, करशाली नारायण, सत्य नारायण फनौटी, रावल ऋषि, पटरानी नाग, बिशलू नाग, देवता शांगडू नाग सहित 35 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया है। शाम तक करीब 30 देवी-देवताओं के कारदार, पुजारी, और गूर सहित अन्य प्रतिनिधि पहुंच गए थे। देवता के धार्मिक कार्यक्रम को लेकर रघुपुर घाटी में खुशी की लहर है। शुक्रवार को पूर्णाहुति कार्यक्रम के दौरान हजारों लोगों के आने की उम्मीद है। इसके लिए देवता मंदिर कमेटी ने तमाम तैयारियां की हैं। देवता की धाम के लिए टकरासी नाग के हारियान क्षेत्र के लोगों की अलग-अलग कमेटियों का गठन किया गया है। कारदार शेर सिंह, अमर चंद और लीला प्रसाद ने कहा कि टकरासी नाग मंदिर की वर्षगांठ मनाई जा रही है। 10 और 11 दिसंबर को हवन पाठ होगा और 12 दिसंबर को पूर्णाहुति डाली जाएगी।
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