{"_id":"688cf6647b453c01490e5e28","slug":"hard-work-wasted-33-of-the-crop-was-washed-away-by-the-rain-kullu-news-c-89-1-klu1002-153611-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: मेहनत पर पानी... 33 फीसदी फसल धो गई बारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: मेहनत पर पानी... 33 फीसदी फसल धो गई बारिश
Fri, 01 Aug 2025 10:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 01 Aug 2025 10:46 PM IST
विज्ञापन
कुल्लू में बारिश से सेब, प्लम और नाशपाती की फसल को पहुंचा भारी नुकसान
553 हेक्टेयर क्षेत्र में पड़ी मौसम की मार, निरमंड और सैंज घाटी में ज्यादा क्षति
नुकसान का आकलन कर बागवानी विभाग ने जिला प्रशासन को सौंपी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। भारी बारिश ने कुल्लू के बागवानी सीजन को धो दिया है। भारी बारिश के कारण जिले में 33 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है।
जिले भर में 553 हेक्टेयर क्षेत्र में सेब, नाशपाती और प्लम की फसल पर बारिश की मार पड़ी है। इसका खुलासा विभाग की रिपोर्ट से हुआ है।जिला प्रशासन ने बरसात के मौसम में हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बागवानी विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी है। अब तक के आकलन के अनुसार किसानों की 553 हेक्टेयर भूमि पर फसलों को नुकसान पहुंचा है। निरमंड और बंजार की सैंज घाटी में ज्यादा नुकसान हुआ है।
सबसे पहले जिले में 25 जून को भारी बारिश हुई थी। इसमें सैंज घाटी के जीवानाला में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ था। जगह-जगह भूस्खलन से बगीचे चपेट में आ गए थे। निरमंड और आनी क्षेत्र में भी बगीचों में पौधों और फसलों को नुकसान हुआ है।
--
मौसम के बिगड़े मिजाज से बढ़ी बागवानों की चिंता
मौसम के बिगड़े मिजाज को देखकर जिले के बागवानों को और ज्यादा नुकसान होने का डर सता रहा है। जिस तरह मौसम खराब होने से जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है, उसको लेकर बागवान चिंतित हैं। जिले में सेब की फसल तैयार है लेकिन कई संपर्क मार्ग बंद पड़ गए हैं। उन्हें सेब को मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। सड़कें बंद होने से बागवान अपने उत्पाद मंडियों तक नहीं ले जा पा रहे हैं।
विज्ञापन
--
प्रशासन बारिश के कारण हो रहे नुकसान पर नजर बनाए हुए है। इसकी रिपोर्ट समय-समय पर मंगवाई जा रही है। पिछले दिनों भी बारिश से किसानों-बागवानों के सरकारी और गैर सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी है।
- तोरुल एस रवीश, उपायुक्त कुल्लू
विज्ञापन
553 हेक्टेयर क्षेत्र में पड़ी मौसम की मार, निरमंड और सैंज घाटी में ज्यादा क्षति
नुकसान का आकलन कर बागवानी विभाग ने जिला प्रशासन को सौंपी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। भारी बारिश ने कुल्लू के बागवानी सीजन को धो दिया है। भारी बारिश के कारण जिले में 33 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है।
जिले भर में 553 हेक्टेयर क्षेत्र में सेब, नाशपाती और प्लम की फसल पर बारिश की मार पड़ी है। इसका खुलासा विभाग की रिपोर्ट से हुआ है।जिला प्रशासन ने बरसात के मौसम में हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बागवानी विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी है। अब तक के आकलन के अनुसार किसानों की 553 हेक्टेयर भूमि पर फसलों को नुकसान पहुंचा है। निरमंड और बंजार की सैंज घाटी में ज्यादा नुकसान हुआ है।
सबसे पहले जिले में 25 जून को भारी बारिश हुई थी। इसमें सैंज घाटी के जीवानाला में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ था। जगह-जगह भूस्खलन से बगीचे चपेट में आ गए थे। निरमंड और आनी क्षेत्र में भी बगीचों में पौधों और फसलों को नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
मौसम के बिगड़े मिजाज से बढ़ी बागवानों की चिंता
मौसम के बिगड़े मिजाज को देखकर जिले के बागवानों को और ज्यादा नुकसान होने का डर सता रहा है। जिस तरह मौसम खराब होने से जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है, उसको लेकर बागवान चिंतित हैं। जिले में सेब की फसल तैयार है लेकिन कई संपर्क मार्ग बंद पड़ गए हैं। उन्हें सेब को मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। सड़कें बंद होने से बागवान अपने उत्पाद मंडियों तक नहीं ले जा पा रहे हैं।
विज्ञापन
प्रशासन बारिश के कारण हो रहे नुकसान पर नजर बनाए हुए है। इसकी रिपोर्ट समय-समय पर मंगवाई जा रही है। पिछले दिनों भी बारिश से किसानों-बागवानों के सरकारी और गैर सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी है।
- तोरुल एस रवीश, उपायुक्त कुल्लू