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Kullu News: मंडियों में हरे मटर की दस्तक, 60 रुपये किलो मिल रहे दाम
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जिले के निचले क्षेत्रों में हुआ तैयार, अप्रैल में बढ़ेगी खेप
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले की लोकल मंडियों में हरे मटर ने दस्तक दे दी है। निचले क्षेत्रों में मटर निकलना शुरू हो गया है। मंडियों में 60 रुपये प्रतिकिलो तक मटर बिक रहा है जबकि पिछले साल मटर शुरुआती दौर में 45 से 50 रुपये तक मटर बिका था। 15 से 20 फीसदी महंगा बिकने के चलते किसानों को अच्छी-खासी कमाई हो रही है। हालांकि मंडियों में अभी मटर की खेप कम पहुंच रही है। घाटी के बजौरा और मंडी के साथ लगते क्षेत्रों में अभी मटर तैयार हुआ है। अप्रैल से मंडियों में मटर की अधिक खेप पहुंचना शुरू हो जाएगी।
पिछले कुछ सालों से किसानों का रुझान नगदी फसलों की ओर बढ़ा है। किसान सर्दियों के दौरान रबी फसल गेहूं की बिजाई न कर मटर और लहसुन की बिजाई कर रहे हैं। जिला कुल्लू की बात करें तो करीब 1,500 हेक्टेयर में मटर की खेती की जा रही है। इसमें साल दर साल इजाफा हो रहा है। लगघाटी, मणिकर्ण घाटी, खराहल, सैंज, बंजार और ऊझी में मटर की पैदावार हो रही है। मटर की खेती से जिले में सैकड़ों किसान जुड़े हैं। किसान रविंद्र सिंह, ओम प्रकाश और लाल सिंह ने कहा कि खेतों में मटर में फूल आने के बाद फलियां बन गई हैं। मौसम ठीक रहने की सूरत में अप्रैल में मटर का तुड़ान जोर पकड़ेगा। इस संबंध में सब्जी मंडी भुंतर के नानक फ्रूट कंपनी के आढ़ती के मानस कुमार सूद ने कहा कि मंडी में लोकल मटर आना शुरू हो गया है। हालांकि अभी मंडी में पहुंचने वाली मटर की खेप काफी कम है लेकिन अप्रैल से इसमें तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में किसानों को मटर के अच्छे दाम मिल रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले की लोकल मंडियों में हरे मटर ने दस्तक दे दी है। निचले क्षेत्रों में मटर निकलना शुरू हो गया है। मंडियों में 60 रुपये प्रतिकिलो तक मटर बिक रहा है जबकि पिछले साल मटर शुरुआती दौर में 45 से 50 रुपये तक मटर बिका था। 15 से 20 फीसदी महंगा बिकने के चलते किसानों को अच्छी-खासी कमाई हो रही है। हालांकि मंडियों में अभी मटर की खेप कम पहुंच रही है। घाटी के बजौरा और मंडी के साथ लगते क्षेत्रों में अभी मटर तैयार हुआ है। अप्रैल से मंडियों में मटर की अधिक खेप पहुंचना शुरू हो जाएगी।
पिछले कुछ सालों से किसानों का रुझान नगदी फसलों की ओर बढ़ा है। किसान सर्दियों के दौरान रबी फसल गेहूं की बिजाई न कर मटर और लहसुन की बिजाई कर रहे हैं। जिला कुल्लू की बात करें तो करीब 1,500 हेक्टेयर में मटर की खेती की जा रही है। इसमें साल दर साल इजाफा हो रहा है। लगघाटी, मणिकर्ण घाटी, खराहल, सैंज, बंजार और ऊझी में मटर की पैदावार हो रही है। मटर की खेती से जिले में सैकड़ों किसान जुड़े हैं। किसान रविंद्र सिंह, ओम प्रकाश और लाल सिंह ने कहा कि खेतों में मटर में फूल आने के बाद फलियां बन गई हैं। मौसम ठीक रहने की सूरत में अप्रैल में मटर का तुड़ान जोर पकड़ेगा। इस संबंध में सब्जी मंडी भुंतर के नानक फ्रूट कंपनी के आढ़ती के मानस कुमार सूद ने कहा कि मंडी में लोकल मटर आना शुरू हो गया है। हालांकि अभी मंडी में पहुंचने वाली मटर की खेप काफी कम है लेकिन अप्रैल से इसमें तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में किसानों को मटर के अच्छे दाम मिल रहे हैं।
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