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Kullu News: ताले में बंद 18 लाख से बना गोसदन, एक दिन भी नहीं रखे लावारिस मवेशी
Wed, 29 Jan 2025 10:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 29 Jan 2025 10:01 PM IST
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बंजार स्थित शलैरा गौसदन।-संवाद
बंजार उपमंडल के शलेरा गांव में बना है गोसदन, देखभाल-चारे की व्यवस्था की नहीं बनी योजना
सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के लिए योजनाएं तो कई बनीं, ठिकाना आज तक नहीं मिला
जिले के 11 गोसदनों में 1495 पशु रखने की क्षमता, सड़कों पर घूम रहे आधे से ज्यादा मवेशी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सड़कों पर घूमने वाले लावारिस मवेशियों को ठिकाना दिलाने की योजनाएं तो कई बनीं, लेकिन ये धरातल पर नहीं उतर पाईं। कड़ाके की ठंड में ये पशु सड़कों पर बैठकर सर्द रातें काट रहे हैं।
जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल की चनौन पंचायत के शलेरा गांव में लावारिस पशुओं को आश्रय दिलाने के लिए 18 लाख रुपये खर्च कर गोसदन बनाया गया है। हैरत की बात है कि एक दिन भी लावारिस मवेशी नहीं रखे गए। इस गोसदन में ताला लटका है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लावारिस मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं।गोसदन बनाने के बाद पशुओं की देखभाल करने के लिए कर्मचारियों और घास आदि की व्यवस्था के लिए कोई योजना नहीं बना पाई। ऐसे में गोसदन में ताला ही लटका दिया गया।
जिले के 11 गोसदनों में 1495 पशुओं को रखने की क्षमता है। आधे से भी ज्यादा लावारिस पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। इन पशुओं को आज तक कोई ठिकाना नहीं मिल पाया है। कटराईं में बनाए गए गोसदन में 500 पशुओं की रखने की क्षमता है। वर्तमान में यहां 263 लावारिस पशुओं को रखा गया है। गोसदन शिरढ़ रायसन में 141, वैष्णो माता मंदिर गोसदन जौला में 180, लंका बेकर गोसदन में क्षमता 130 पशुओं की है, यहां 127 पशु रखे गए हैं। निरमंड के देवता शैंशरू गोसदन में भी 24 पशुओं को रखा गया है। इसके साथ मनाली के रांगड़ी स्थित गोसदन में 217, बाशिंग के गोसदन में 60 पशु रखे गए हैं। गोसदनों में रखे गए इन लावारिस पशुओं को गोसेवा आयोग की ओर से हर महीने प्रति पशु 700 रुपये की सहायता दी जा रही है।
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पशुपालन विभाग की ओर से प्रतिमाह करीब पांच लाख रुपये की राशि इन गोसदनों में रखे पशुओं के लिए चारे आदि की व्यवस्था के लिए दी जाती है। पशुओं की संख्या बढ़ने पर यह राशि और भी बढ़ जाती है। गोसदनों में पशुओं की जांच करने के लिए हर महीने पशु चिकित्सक हर महीने जाते हैं।
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कुल्लू जिले के 11 गोसदनों में 1495 बेसहारा पशुओं को रखने का प्रावधान है। शलेरा के गोसदन और धामण के गोसदन फिलहाल नहीं चल रहे हैं। विभाग की ओर से कुल्लू जिला के गोसदनों में रखे गए पशुओं को 700 रुपये प्रति पशु सहायता दी जा रही है। - डॉ. राजेंद्र पॉल, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग कुल्लू
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सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के लिए योजनाएं तो कई बनीं, ठिकाना आज तक नहीं मिला
जिले के 11 गोसदनों में 1495 पशु रखने की क्षमता, सड़कों पर घूम रहे आधे से ज्यादा मवेशी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सड़कों पर घूमने वाले लावारिस मवेशियों को ठिकाना दिलाने की योजनाएं तो कई बनीं, लेकिन ये धरातल पर नहीं उतर पाईं। कड़ाके की ठंड में ये पशु सड़कों पर बैठकर सर्द रातें काट रहे हैं।
जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल की चनौन पंचायत के शलेरा गांव में लावारिस पशुओं को आश्रय दिलाने के लिए 18 लाख रुपये खर्च कर गोसदन बनाया गया है। हैरत की बात है कि एक दिन भी लावारिस मवेशी नहीं रखे गए। इस गोसदन में ताला लटका है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लावारिस मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं।गोसदन बनाने के बाद पशुओं की देखभाल करने के लिए कर्मचारियों और घास आदि की व्यवस्था के लिए कोई योजना नहीं बना पाई। ऐसे में गोसदन में ताला ही लटका दिया गया।
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जिले के 11 गोसदनों में 1495 पशुओं को रखने की क्षमता है। आधे से भी ज्यादा लावारिस पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। इन पशुओं को आज तक कोई ठिकाना नहीं मिल पाया है। कटराईं में बनाए गए गोसदन में 500 पशुओं की रखने की क्षमता है। वर्तमान में यहां 263 लावारिस पशुओं को रखा गया है। गोसदन शिरढ़ रायसन में 141, वैष्णो माता मंदिर गोसदन जौला में 180, लंका बेकर गोसदन में क्षमता 130 पशुओं की है, यहां 127 पशु रखे गए हैं। निरमंड के देवता शैंशरू गोसदन में भी 24 पशुओं को रखा गया है। इसके साथ मनाली के रांगड़ी स्थित गोसदन में 217, बाशिंग के गोसदन में 60 पशु रखे गए हैं। गोसदनों में रखे गए इन लावारिस पशुओं को गोसेवा आयोग की ओर से हर महीने प्रति पशु 700 रुपये की सहायता दी जा रही है।
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पशुपालन विभाग की ओर से प्रतिमाह करीब पांच लाख रुपये की राशि इन गोसदनों में रखे पशुओं के लिए चारे आदि की व्यवस्था के लिए दी जाती है। पशुओं की संख्या बढ़ने पर यह राशि और भी बढ़ जाती है। गोसदनों में पशुओं की जांच करने के लिए हर महीने पशु चिकित्सक हर महीने जाते हैं।
कुल्लू जिले के 11 गोसदनों में 1495 बेसहारा पशुओं को रखने का प्रावधान है। शलेरा के गोसदन और धामण के गोसदन फिलहाल नहीं चल रहे हैं। विभाग की ओर से कुल्लू जिला के गोसदनों में रखे गए पशुओं को 700 रुपये प्रति पशु सहायता दी जा रही है। - डॉ. राजेंद्र पॉल, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग कुल्लू