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Kullu News: पौधे खरीदने के लिए शिमला और मंडी से आ रहे बागवान
Sun, 28 Dec 2025 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 28 Dec 2025 11:03 PM IST
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कुल्लू में फलदार पेड़ों की कांट-छांट करने में जुटे बागवान।-संवाद
कुल्लू की नर्सरियों में तैयार प्लम, जापानी फल और सेब पौधों की है अधिक मांग
सूखे जैसे हालात के कारण बागवान परेशान, पौधों की बिक्री ने नहीं पकड़ा जोर
जिले में हैं 250 से अधिक पंजीकृत नर्सरियां, बगीचों में भी पौधे तैयार कर रहे बागवान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्लम और जापानी फल के पौधों की खरीद के लिए शिमला और मंडी से बागवान इन दिनों कुल्लू पहुंच रहे हैं। कुल्लू की नर्सरियों में आकर बागवान पौधे खरीद रहे हैं।
हालांकि सूखे जैसे हालात के बीच अभी तक नर्सरी में पौधों की ब्रिकी ने जोर नहीं पकड़ा है। सूखे जैसे हालात के चलते कुल्लू जिले के नर्सरी संचालक परेशान हैं।
गौर रहे कि जिले में करीब 250 से अधिक पंजीकृत नर्सरियां हैं। साथ ही जिले में कई बागवानों ने अपने बगीचों में ही नर्सरियां लगाई हैं। इनमें जापानी फल, प्लम और सेब के पौधे तैयार किए जाते हैं। खास बात यह है कि पौधे नर्सरियों में बागवानों को उचित दामों पर उपलब्ध हो रहे हैं। नर्सरी संचालकों की ओर से बागवानों को पौधों की गारंटी भी दी जा रही है। कुल्लू के पौधों की प्रदेश और बाहरी राज्यों में मांग अच्छी रहती है। नीरत राम, बुद्धि सिंह और चमन लाल ने कहा कि बागवानों को बारिश का इंतजार है। बिना बारिश बगीचों में नए पौधे लगाने के लिए गड्ढे भी नहीं बन पा रहे हैं। नर्सरी संचालक जोगी ठाकुर ने कहा कि सूखे जैसे हालात के बीच नर्सरी में सिंचाई का प्रबंध करना पड़ रहा है। बिना नमी पौधों को निकालना मुश्किल होता है। नर्सरी में नमी होने पर पौधे आसानी से निकलते हैं। उन्होंने कहा कि मंडी और शिमला से बागवान जापानी फल, प्लम के पौधों के लिए आ रहे हैं। बारिश के बाद नर्सरियों में पौधों की मांग दोगुना हो जाएगी। दूसरी ओर, बागवानी विभाग की उद्यान विकास फल परियोजना बजौरा में भी बागवानों पौधे दिए जा रहे हैं।
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सूखे जैसे हालात के कारण बागवान परेशान, पौधों की बिक्री ने नहीं पकड़ा जोर
जिले में हैं 250 से अधिक पंजीकृत नर्सरियां, बगीचों में भी पौधे तैयार कर रहे बागवान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्लम और जापानी फल के पौधों की खरीद के लिए शिमला और मंडी से बागवान इन दिनों कुल्लू पहुंच रहे हैं। कुल्लू की नर्सरियों में आकर बागवान पौधे खरीद रहे हैं।
हालांकि सूखे जैसे हालात के बीच अभी तक नर्सरी में पौधों की ब्रिकी ने जोर नहीं पकड़ा है। सूखे जैसे हालात के चलते कुल्लू जिले के नर्सरी संचालक परेशान हैं।
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गौर रहे कि जिले में करीब 250 से अधिक पंजीकृत नर्सरियां हैं। साथ ही जिले में कई बागवानों ने अपने बगीचों में ही नर्सरियां लगाई हैं। इनमें जापानी फल, प्लम और सेब के पौधे तैयार किए जाते हैं। खास बात यह है कि पौधे नर्सरियों में बागवानों को उचित दामों पर उपलब्ध हो रहे हैं। नर्सरी संचालकों की ओर से बागवानों को पौधों की गारंटी भी दी जा रही है। कुल्लू के पौधों की प्रदेश और बाहरी राज्यों में मांग अच्छी रहती है। नीरत राम, बुद्धि सिंह और चमन लाल ने कहा कि बागवानों को बारिश का इंतजार है। बिना बारिश बगीचों में नए पौधे लगाने के लिए गड्ढे भी नहीं बन पा रहे हैं। नर्सरी संचालक जोगी ठाकुर ने कहा कि सूखे जैसे हालात के बीच नर्सरी में सिंचाई का प्रबंध करना पड़ रहा है। बिना नमी पौधों को निकालना मुश्किल होता है। नर्सरी में नमी होने पर पौधे आसानी से निकलते हैं। उन्होंने कहा कि मंडी और शिमला से बागवान जापानी फल, प्लम के पौधों के लिए आ रहे हैं। बारिश के बाद नर्सरियों में पौधों की मांग दोगुना हो जाएगी। दूसरी ओर, बागवानी विभाग की उद्यान विकास फल परियोजना बजौरा में भी बागवानों पौधे दिए जा रहे हैं।
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