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Kullu News: दो बीघा भूमि पर लगेगा कूड़ा निष्पादन संयंत्र
Sat, 30 Mar 2024 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 30 Mar 2024 11:27 PM IST
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पर्यटन स्थल कसोल में भूमि की चिह्नित, डोर-टू-डोर एकत्रित होगा कूड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के कसोल में वेस्ट डिस्पोजल प्लांट (अपशिष्ट निपटान संयंत्र) के लिए भूमि चयनित की गई है। अपशिष्ट निपटान संयंत्र लगाने के लिए यहां पर दो बीघा भूमि चिह्नित की गई है।
औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यहां पर संयंत्र स्थापित होगा। पर्यटन स्थल कसोल और मणिकर्ण साडा क्षेत्र में आते हैं। यहां हजारों की संख्या में देसी और विदेशी पर्यटक आते हैं जबकि घाटी में कूड़े-कचरे का निष्पादन रामभरोसे है। यहां पर कोई भी डंपिंग साइट नहीं है। साडा की ओर से डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने की योजना बनाई है।
होटलों और घरों से कचरा एकत्रित करने के बाद इसके निष्पादन के लिए अपशिष्ट निपटान संयंत्र लगाना जरूरी होगा। अपशिष्ट निपटान संयंत्र लगने से कसोल और मणिकर्ण के लोगों को सुविधा मिलेगी और शहरों की स्वच्छता भी बरकरार रहेगी। कुल्लू में निकलने वाले अधिकतर कचरे के निष्पादन का भार मनाली के रांगड़ी में चल रहे कूड़ा संयंत्र पर है। इस संयंत्र पर भार कम करने के लिए ग्रामीण स्तर पर संयंत्र स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है,।
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मणिकर्ण घाटी के कसोल में वेस्ट डिस्पोजल प्लांट
के लिए दो बीघा भूमि चिह्नित की गई है। सूखे और गीले अपशिष्ट के उचित प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
-ताेरुल एस रवीश, उपायुक्त, कुल्लू
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के कसोल में वेस्ट डिस्पोजल प्लांट (अपशिष्ट निपटान संयंत्र) के लिए भूमि चयनित की गई है। अपशिष्ट निपटान संयंत्र लगाने के लिए यहां पर दो बीघा भूमि चिह्नित की गई है।
औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यहां पर संयंत्र स्थापित होगा। पर्यटन स्थल कसोल और मणिकर्ण साडा क्षेत्र में आते हैं। यहां हजारों की संख्या में देसी और विदेशी पर्यटक आते हैं जबकि घाटी में कूड़े-कचरे का निष्पादन रामभरोसे है। यहां पर कोई भी डंपिंग साइट नहीं है। साडा की ओर से डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने की योजना बनाई है।
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होटलों और घरों से कचरा एकत्रित करने के बाद इसके निष्पादन के लिए अपशिष्ट निपटान संयंत्र लगाना जरूरी होगा। अपशिष्ट निपटान संयंत्र लगने से कसोल और मणिकर्ण के लोगों को सुविधा मिलेगी और शहरों की स्वच्छता भी बरकरार रहेगी। कुल्लू में निकलने वाले अधिकतर कचरे के निष्पादन का भार मनाली के रांगड़ी में चल रहे कूड़ा संयंत्र पर है। इस संयंत्र पर भार कम करने के लिए ग्रामीण स्तर पर संयंत्र स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है,।
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मणिकर्ण घाटी के कसोल में वेस्ट डिस्पोजल प्लांट
के लिए दो बीघा भूमि चिह्नित की गई है। सूखे और गीले अपशिष्ट के उचित प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
-ताेरुल एस रवीश, उपायुक्त, कुल्लू