कुल्लू। जिला मुख्यालय के साथ लगते खराहल क्षेत्र में बिजली महादेव की पहाड़ी में मंगलवार आधी रात तक आग की लपटें उठती रही। घासनी में लगी आग से भयानक रूप धारण कर लिया। जैसे ही आग शांगरूठाणा गांव की ओर बढ़ी तो सबके होश उड़ गए।
आग के तांडव को देखकर पेच्छा, माहिश, शांगरूठाणा और थर्कु आदि गांव के लोग इसे काबू पाने के लिए दौड़े। लेकिन आग की लपटों के आगे हर किसी का हौसला कम पड़ने लगा। देखते ही देखते आग की चपेट में दासी देवी पत्नी दिले राम के सेब के 30 पेड़ और मस्त राम पुत्र लोत राम के 15 पेड़ आ गए। आग एक मकान की तरफ तेजी से बढ़ी। इसके चलते दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब 250 लोगों और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने मकान को आग की चपेट में आने से बचा लिया। अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। पहाड़ी से लगी आग के चलते 1.80 लाख का नुकसान हुआ है। लाखों की वन संपदा को भी क्षति पहुंची है। गौर रहे कि पहाड़ी में सूखी घास होने के कारण यह तेजी से फैली और इस पर काबू करना मुश्किल हो गया। बताया जा रहा है कि अगर खराहल घाटी के 250 लोग आग पर काबू पाने के लिए इकट्ठा नहीं होते तो इसकी चपेट में घर आदि आ सकते थे। अग्निशमन विभाग में सब फायर ऑफिसर दुर्गा सिंह ने कहा कि जंगल से लगी आग से 1 लाख 80 हजार का नुकसान हुआ है। पांच लाख की संपत्ति को आग से बचाया गया है। इसमें एक मकान भी शामिल है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जंगलों को आग से बचाने में अपना सहयोग करें।