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Kullu News: 30 फीसदी तक बढ़ गई निजी स्कूलों की फीस
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अन्य शुल्क भी बढ़ने से जेब करनी पड़ी रही ढीली
एक अप्रैल से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। एक अप्रैल से कुल्लू के स्कूलों में 2024-25 का नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। बच्चों का परीक्षा परिणाम 30 मार्च को निकाला जाएगा। नए सत्र में बच्चे अगली कक्षा में बैठेंगे लेकिन निजी स्कूलों में अपने बच्चों को अगली कक्षा में बैठाने के लिए महंगी फीस भी चुकानी पड़ रही है।
कुछ निजी स्कूल मनमानी फीस वसूल कर रहे हैं। नए सत्र के लिए कई निजी स्कूलों ने अपनी फीस को 30 फीसदी तक बढ़ाया है। बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय में चल रहे एक प्रतिष्ठित स्कूल में बच्चों का दाखिला करवाने के लिए 50,000 रुपये देने पड़ रहे हैं। इसके बाद सालभर की फीस अलग से देनी होगी। वहीं कुछ अन्य स्कूलों में 30,000 रुपये तक दाखिला फीस ली जा रही है। इसके साथ ही अन्य बढ़ाए गए शुल्क भी अभिभावकों से लिए जा रहे हैं। इससे अभिभावकों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। जिन अभिभावकों ने अपने बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला करवाया है, वे अपने बच्चों को यहां से बाहर इसलिए नहीं निकाल पा रहे हैं कि कहीं उनका भविष्य खराब न हो जाए। मजबूरी में निजी स्कूलों की महंगी फीस दे रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि सरकार और शिक्षा विभाग का निजी स्कूलों पर किसी तरह का शिकंजा नहीं है। हालांकि पिछले दिनों उपायुक्त कुल्लू के ध्यान में भी एडमिशन, किताबें व स्कूलों की वर्दी में बरती जाने वाली अनियमितता का मामला लाया गया था। इस संबंध में उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्रेम ठाकुर ने कहा कि विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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एक अप्रैल से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। एक अप्रैल से कुल्लू के स्कूलों में 2024-25 का नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। बच्चों का परीक्षा परिणाम 30 मार्च को निकाला जाएगा। नए सत्र में बच्चे अगली कक्षा में बैठेंगे लेकिन निजी स्कूलों में अपने बच्चों को अगली कक्षा में बैठाने के लिए महंगी फीस भी चुकानी पड़ रही है।
कुछ निजी स्कूल मनमानी फीस वसूल कर रहे हैं। नए सत्र के लिए कई निजी स्कूलों ने अपनी फीस को 30 फीसदी तक बढ़ाया है। बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय में चल रहे एक प्रतिष्ठित स्कूल में बच्चों का दाखिला करवाने के लिए 50,000 रुपये देने पड़ रहे हैं। इसके बाद सालभर की फीस अलग से देनी होगी। वहीं कुछ अन्य स्कूलों में 30,000 रुपये तक दाखिला फीस ली जा रही है। इसके साथ ही अन्य बढ़ाए गए शुल्क भी अभिभावकों से लिए जा रहे हैं। इससे अभिभावकों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। जिन अभिभावकों ने अपने बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला करवाया है, वे अपने बच्चों को यहां से बाहर इसलिए नहीं निकाल पा रहे हैं कि कहीं उनका भविष्य खराब न हो जाए। मजबूरी में निजी स्कूलों की महंगी फीस दे रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि सरकार और शिक्षा विभाग का निजी स्कूलों पर किसी तरह का शिकंजा नहीं है। हालांकि पिछले दिनों उपायुक्त कुल्लू के ध्यान में भी एडमिशन, किताबें व स्कूलों की वर्दी में बरती जाने वाली अनियमितता का मामला लाया गया था। इस संबंध में उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्रेम ठाकुर ने कहा कि विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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