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74 साल बाद भी सड़क से नहीं जुड़ सके बंजार क्षेत्र के 50 गांव
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जिला कुल्लू की बंजार घाटी के50 गांव अभी सड़क सुविधा के कोसो दूर हैं। देश की आजादी के 75 साल बाद भी यहा?
- फोटो : Kullu
कुल्लू। जिला कुल्लू की बंजार घाटी के 50 गांव अभी भी सड़क सुविधा के कोसों दूर हैं। देश की आजादी के 74 साल बाद भी यहां लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। इन क्षेत्रों में ग्रामीण अभी भी खाने-पीने के सामान के साथ अपने उत्पाद को पीठ पर उठाने को मजबूर हैं। खासकर जिला के सैंज व तीर्थन घाटी में मरीजों को पालकी व कुर्सी में उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। आए दिन सड़क सुविधा से वंचित गांवों से मरीजों को पालकी में उठाने के कई मामले सामने आए हैं। हालांकि आजादी के बाद प्रदेश की सरकारों व राजनैतिक दलों के नेताओं ने गांव-गांव तक सड़क निकालने के वायदे तो किए लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद नेता अपने वायदों को भूल जाते हैं। जिसका दंश ग्रामीण झेल रहे हैं। घाटीवासी मोहर सिंह, देव राज, ज्ञान चंद, निका राम, सोहन लाल, प्यारे लाल, संगत राम तथा प्रेम सिंह का कहना है कि राजनेताओं के झूठे वायदों के कारण गांव के लोग आधुनिक भारत में भी पैदल चलने को मजबूर है। इन इलाकों में सबसे बड़ी चुनौती मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की रहती है। जब मीलों दूर तक ऊबड़-खाबड़ रास्तों व खड़ी चढ़ाई से मरीजों को कुर्सी व चारपाई में लाना पड़ता है। वहीं लोनिवि कुल्लू से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक बंजार घाटी में 250 से अधिक आबादी वाले 13 ऐसे क्षेत्र हैं जो अभी सड़क से नहीं जुड़े हैं। क्षेत्र के लोगों ने सरकार से सड़कों से अनछुए गांवों को सड़क सुविधा प्रदान करने की मांग की है।
बंजार में 50 गांवों के 4415 लोग सड़क से वंचित
बंजार क्षेत्र में सड़कों से वंचित गांवों की करीब 4415 आबादी है। मझाण, लपाह, माशु, पढारणी, बशीर, सरठी, नाहीं, टीलगा, रशाला, तांदी, कल्याह, नढार, गरुली, परवाड़ी, थाटा, जाहरा, मनाणी, धारा शलिंगा, झुठली, निचला बशीर, दाड़ी, छमणी, धारागाड़, मशियार, थानेदार, झनियार, डिंगचा, घाट, दारन, शुंगचाधार, शाक्टी, मरौड, शुगाड, बडेहठा, बनाओगी, नजां, उर्सु, पीकरंग, सीस, आईशा, शौउला, लौल, डोघर, माही सहित करीब 50 गांव अभी तक सड़क सुविधा से वंचित हैं।
कोरोना काल में करीब 12 मरीज कुर्सी से पहुंचाए अस्पताल
जिला कुल्लू की बंजार व सैंज घाटी में सड़कों के अभाव से दुर्गम गांवों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना आसान नहीं है। कोरोना काल के करीब डेढ़ वर्ष में बंजार विस क्षेत्र में करीब 12 मरीजों को कुर्सी या चारपाई से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
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जमीन की गिफ्ट डीड न देने से सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा : विधायक
बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि विस क्षेत्र में हर गांवों को सड़क से जोड़ने का काम किया जा रहा है। भाजपा सरकार प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण कर रही है। कुछेक जगह पर लोगों द्वारा जमीन की गिफ्ट डीड न देने से सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
भाजपा सरकार में बंजार क्षेत्र में विकास पूरी तरह से ठहर गया : आदित्य
बंजार से कांग्रेस उम्मीदवार रहे आदित्य विक्रम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में बंजार क्षेत्र में विकास पूरी तरह से ठहर गया है। उन्होंने कहा कि बंजार के दुर्गम गांवों के लोग आजादी के बाद भी पैदल चलने को विवश हैं। किसान-बागवानों को अपने उत्पादों को पीठ पर उठाकर मंडियों तक पहुंचाना पड़ रहा है।
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बंजार में 50 गांवों के 4415 लोग सड़क से वंचित
बंजार क्षेत्र में सड़कों से वंचित गांवों की करीब 4415 आबादी है। मझाण, लपाह, माशु, पढारणी, बशीर, सरठी, नाहीं, टीलगा, रशाला, तांदी, कल्याह, नढार, गरुली, परवाड़ी, थाटा, जाहरा, मनाणी, धारा शलिंगा, झुठली, निचला बशीर, दाड़ी, छमणी, धारागाड़, मशियार, थानेदार, झनियार, डिंगचा, घाट, दारन, शुंगचाधार, शाक्टी, मरौड, शुगाड, बडेहठा, बनाओगी, नजां, उर्सु, पीकरंग, सीस, आईशा, शौउला, लौल, डोघर, माही सहित करीब 50 गांव अभी तक सड़क सुविधा से वंचित हैं।
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कोरोना काल में करीब 12 मरीज कुर्सी से पहुंचाए अस्पताल
जिला कुल्लू की बंजार व सैंज घाटी में सड़कों के अभाव से दुर्गम गांवों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना आसान नहीं है। कोरोना काल के करीब डेढ़ वर्ष में बंजार विस क्षेत्र में करीब 12 मरीजों को कुर्सी या चारपाई से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
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जमीन की गिफ्ट डीड न देने से सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा : विधायक
बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि विस क्षेत्र में हर गांवों को सड़क से जोड़ने का काम किया जा रहा है। भाजपा सरकार प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण कर रही है। कुछेक जगह पर लोगों द्वारा जमीन की गिफ्ट डीड न देने से सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
भाजपा सरकार में बंजार क्षेत्र में विकास पूरी तरह से ठहर गया : आदित्य
बंजार से कांग्रेस उम्मीदवार रहे आदित्य विक्रम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में बंजार क्षेत्र में विकास पूरी तरह से ठहर गया है। उन्होंने कहा कि बंजार के दुर्गम गांवों के लोग आजादी के बाद भी पैदल चलने को विवश हैं। किसान-बागवानों को अपने उत्पादों को पीठ पर उठाकर मंडियों तक पहुंचाना पड़ रहा है।