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Kullu News: खत्म किए पदों की बहाली के लिए गरजे कर्मचारी
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कुल्लू। कर्मचारी विरोधी निर्णयों को लेकर बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों ने सोमवार को ढालपुर में प्रदर्शन किया। बिजली बोर्ड के कार्यालय के पास किए गए प्रदर्शन में सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त अधिकारी प्रवेश ठाकुर ने कहा कि बिजली बोर्ड ने कर्मचारी विरोधी निर्णय लिए हैं, उनका पूरे प्रदेश में विरोध किया जाएगा। बीते दिनों हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड में इंजीनियर सहित आउटसोर्स कर्मचारी की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया था। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार तथा बिजली बोर्ड प्रबंधन से मांग रखी है कि वे इस निर्णय को वापस लें।
इसके अलावा जिन इंजीनियरों के पद और आउटसोर्स कर्मचारी की सेवाओं को समाप्त किया गया है, उन्हें भी तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी और इंजीनियर विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के साथ संघर्ष कर रहे हैं। 16 अक्तूबर को जारी एक अधिसूचना के अनुसार समाप्त किए गए इंजीनियरिंग कैडर के 51 पदों को बहाल किया जाए।
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बिजली बोर्ड में आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे 81 ड्राइवरों को नौकरी से निकालने का आदेश भी तुरंत वापस लिया जाए। बिजली बोर्ड में भी पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाए। टीमेट के 1030 पदों को जल्द भरने और वेतन आयोग का कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को वेतन और पेंशन का बकाया जारी करने सहित लंबित मांगों को भी पूरा किया जाए। बिजली बोर्ड प्रबंधन और सरकार के समक्ष बिजली बोर्ड के कर्मचारी लगातार मांग रख रहे हैं, बावजूद उन्हें अनसुना किया जा रहा है। अगर जल्द निर्णयों को वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन को उग्र किया जाएगा।संवाद
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बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त अधिकारी प्रवेश ठाकुर ने कहा कि बिजली बोर्ड ने कर्मचारी विरोधी निर्णय लिए हैं, उनका पूरे प्रदेश में विरोध किया जाएगा। बीते दिनों हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड में इंजीनियर सहित आउटसोर्स कर्मचारी की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया था। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार तथा बिजली बोर्ड प्रबंधन से मांग रखी है कि वे इस निर्णय को वापस लें।
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इसके अलावा जिन इंजीनियरों के पद और आउटसोर्स कर्मचारी की सेवाओं को समाप्त किया गया है, उन्हें भी तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी और इंजीनियर विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के साथ संघर्ष कर रहे हैं। 16 अक्तूबर को जारी एक अधिसूचना के अनुसार समाप्त किए गए इंजीनियरिंग कैडर के 51 पदों को बहाल किया जाए।
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बिजली बोर्ड में आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे 81 ड्राइवरों को नौकरी से निकालने का आदेश भी तुरंत वापस लिया जाए। बिजली बोर्ड में भी पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाए। टीमेट के 1030 पदों को जल्द भरने और वेतन आयोग का कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को वेतन और पेंशन का बकाया जारी करने सहित लंबित मांगों को भी पूरा किया जाए। बिजली बोर्ड प्रबंधन और सरकार के समक्ष बिजली बोर्ड के कर्मचारी लगातार मांग रख रहे हैं, बावजूद उन्हें अनसुना किया जा रहा है। अगर जल्द निर्णयों को वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन को उग्र किया जाएगा।संवाद