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डमचीण और समालग में चुनाव का बहिष्कार
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कुल्लू। नग्गर की डमचीण और कुल्लू की लगघाटी के समालग गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। जिला प्रशासन ने दोनों गांव में मतदान करवाने और ग्रामीणों की समस्या को हल करने के लिए अधिकारी भी पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की तमाम कोशिशों के बावजूद वोट नहीं दिया।
डमचीण के ग्रामीण खूबराम, सुरेंद्र ठाकुर, कृष्ण, तुले राम ने कहा कि अभी तक गांव में सड़क नहीं है। गांव के रास्ते भी खस्ताहाल हैं। ग्रामीण रोजाना नदी पार करने के लिए विवश हैं। सत्ता में रही सरकारें ग्रामीणों की सुविधा के लिए पुल तक का निर्माण नहीं करवा सकीं है। वार्ड सदस्य शकुंतला देवी ने कहा कि गांव में 139 मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक पाठशाला डमचीण में 55 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। स्कूल में महज एक अध्यापक है।
समालग के मतदाताओं का कहना है कि वे मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव को सड़क सुविधा से नहीं जोड़ा गया है। वे कई बार प्रशासन और सरकार से सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग कर चुके हैं। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि ग्रामीणों के चुनाव का बहिष्कार करने की जानकारी नहीं थी। ग्रामीणों ने एकाएक बहिष्कार किया है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष गर्ग ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को हल करने के लिए प्रशासनिक टीमें भेजीं गई हैं।
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डमचीण के ग्रामीण खूबराम, सुरेंद्र ठाकुर, कृष्ण, तुले राम ने कहा कि अभी तक गांव में सड़क नहीं है। गांव के रास्ते भी खस्ताहाल हैं। ग्रामीण रोजाना नदी पार करने के लिए विवश हैं। सत्ता में रही सरकारें ग्रामीणों की सुविधा के लिए पुल तक का निर्माण नहीं करवा सकीं है। वार्ड सदस्य शकुंतला देवी ने कहा कि गांव में 139 मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक पाठशाला डमचीण में 55 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। स्कूल में महज एक अध्यापक है।
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समालग के मतदाताओं का कहना है कि वे मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव को सड़क सुविधा से नहीं जोड़ा गया है। वे कई बार प्रशासन और सरकार से सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग कर चुके हैं। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि ग्रामीणों के चुनाव का बहिष्कार करने की जानकारी नहीं थी। ग्रामीणों ने एकाएक बहिष्कार किया है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष गर्ग ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को हल करने के लिए प्रशासनिक टीमें भेजीं गई हैं।
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