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Kullu News: वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में आठ लोगों को 5-5 साल कठोर कारावास
Mon, 29 Dec 2025 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 29 Dec 2025 10:31 PM IST
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विशेष न्यायाधीश कुल्लू एक प्रकाश चंद राणा की अदालत ने सुनाया फैसला
50-50 हजार रुपये जुर्माना, नहीं भरने पर होगी एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास
निवेश करने पर लोगों को दिया था अधिक लाभ देने का झांसा,करोड़ों का हुआ गबन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। विशेष न्यायाधीश कुल्लू एक अदालत ने एक बहुचर्चित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में आठ आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 120-बी के अंतर्गत सभी दोषियों को प्रत्येक धारा में 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इसके अलावा सभी को 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक-एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
उप न्यायवादी अनुज शर्मा ने बताया कि वर्ष 2010 में शिकायतकर्ता जीत मलिक को सक्सेस ऑनलाइन सर्विस सिस्टम (एसओएसएस) नामक कंपनी में निवेश पर अधिक लाभ देने का झांसा दिया गया। प्रारंभ में कुछ किस्तों का भुगतान किया गया लेकिन बाद में आरोपियों ने शिकायतकर्ता व अन्य निवेशकों की राशि हड़प ली।
इस संबंध में वर्ष 2011 में पुलिस थाना सदर कुल्लू में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के बाद 16 दिसंबर 2013 को चालान अदालत में पेश किया गया और 18 दिसंबर 2017 को आरोप तय किए गए।
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अदालत ने पाया कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत लोगों को दोगुना लाभ देने का लालच देकर निवेश करवाया और धनराशि वापस न कर धोखाधड़ी की।
आरोपी रमन कुमार पर निवेशकों को गुमराह करने और धोखा देने का आरोप लगाया गया है। इसमें उसने 2,52,39,031 रुपये का गबन किया है। आरोपी राकेश कुमार ने 15,47,129 रुपये, आरोपी निखिल नंदा ने 70,81,953 रुपये की रकम का गबन किया है। सीता राम 44,16,713 रुपये, गुरजान सिंह ग्रेवाल 19,42,164 रुपये और वेद प्रकाश पर 15,19,000 रुपये की रकम का गबन किया है। आरोपियों में से निखिल नंदा पहले से ही सर्किल जेल, बेरहामपुर जिला गंजाम (ओडिशा) में बंद है। मामले में उसका ट्रायल उक्त जेल से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया है। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 44 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। केस की पैरवी जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने की।
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50-50 हजार रुपये जुर्माना, नहीं भरने पर होगी एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास
निवेश करने पर लोगों को दिया था अधिक लाभ देने का झांसा,करोड़ों का हुआ गबन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। विशेष न्यायाधीश कुल्लू एक अदालत ने एक बहुचर्चित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में आठ आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 120-बी के अंतर्गत सभी दोषियों को प्रत्येक धारा में 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इसके अलावा सभी को 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक-एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
उप न्यायवादी अनुज शर्मा ने बताया कि वर्ष 2010 में शिकायतकर्ता जीत मलिक को सक्सेस ऑनलाइन सर्विस सिस्टम (एसओएसएस) नामक कंपनी में निवेश पर अधिक लाभ देने का झांसा दिया गया। प्रारंभ में कुछ किस्तों का भुगतान किया गया लेकिन बाद में आरोपियों ने शिकायतकर्ता व अन्य निवेशकों की राशि हड़प ली।
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इस संबंध में वर्ष 2011 में पुलिस थाना सदर कुल्लू में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के बाद 16 दिसंबर 2013 को चालान अदालत में पेश किया गया और 18 दिसंबर 2017 को आरोप तय किए गए।
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अदालत ने पाया कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत लोगों को दोगुना लाभ देने का लालच देकर निवेश करवाया और धनराशि वापस न कर धोखाधड़ी की।
आरोपी रमन कुमार पर निवेशकों को गुमराह करने और धोखा देने का आरोप लगाया गया है। इसमें उसने 2,52,39,031 रुपये का गबन किया है। आरोपी राकेश कुमार ने 15,47,129 रुपये, आरोपी निखिल नंदा ने 70,81,953 रुपये की रकम का गबन किया है। सीता राम 44,16,713 रुपये, गुरजान सिंह ग्रेवाल 19,42,164 रुपये और वेद प्रकाश पर 15,19,000 रुपये की रकम का गबन किया है। आरोपियों में से निखिल नंदा पहले से ही सर्किल जेल, बेरहामपुर जिला गंजाम (ओडिशा) में बंद है। मामले में उसका ट्रायल उक्त जेल से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया है। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 44 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। केस की पैरवी जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने की।