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मणिकर्ण, हरिपुर, वशिष्ठ में भी शुरू हुआ दशहरा
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हरिपुर/कुल्लू। भगवान रघुनाथ के सम्मान में जिले में पांच जगह दशहरा का आयोजन किया जाता है। ढालपुर के अलावा धार्मिक नगरी मणिकर्ण, हरिपुर, नग्गर के ठावा तथा वशिष्ठ में भी दशहरा मनाया जाएगा। मणिकर्ण और हरिपुर में रथयात्रा भी निकाली जाएगी।
ढालपुर में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के लिए कुल्लू जिले से सैकड़ों देवी-देवता पहुंच गए हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप से शुक्रवार को पूरी कुल्लू घाटी राम के उद्घोष से गूंज उठी। ढालपुर के अलावा ऊझी घाटी के हरिपुर, धार्मिक नगरी मणिकर्ण, नग्गर के ठावा तथा धार्मिक स्थल वशिष्ठ में भी देव परंपरा के तहत दशहरा का शुभारंभ हो गया है। बताया जाता है कि उपरोक्त सभी जगह भगवान रघुनाथ का इतिहास जुड़ा है। मणिकर्ण और हरिपुर दशहरा में स्थानीय देवी-देवताओं ने रथयात्रा में भाग लिया। बता दें कि 1650 को जब भगवान रघुनाथ को अयोध्या से कुल्लू लाया था तो सबसे पहले भगवान रघुनाथ की मूर्ति को गड़सा घाटी के मकराहड़ में रखा गया था। इसके बाद मणिकर्ण तथा बाद में जिला मुख्यालय के रघुनाथपुर में लाया गया। वशिष्ठ में भगवान राम का मंदिर, हरिपुर और नग्गर में मुरलीधर (श्रीकृष्ण) के मंदिर हैं। हरिपुर में मंगलवार को परंपरागत तरीके से ठाकुर माधोराय की भव्य रथयात्रा निकाली गई। जिला देवी-देवता कारदार संघ के पूर्व अध्यक्ष दोतराम ठाकुर ने कहा कि ढालपुर के अलावा दशहरा हरिपुर, मणिकर्ण, ठावा और वशिष्ठ में मनाया जाता है। यहां देवी-देवताओं की उपस्थिति में दशहरा उत्सव की परंपराओं को निभाया जाता है। उपरोक्त सभी जगह भगवान राम का इतिहास और देवालय स्थापित हैं।
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ढालपुर में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के लिए कुल्लू जिले से सैकड़ों देवी-देवता पहुंच गए हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप से शुक्रवार को पूरी कुल्लू घाटी राम के उद्घोष से गूंज उठी। ढालपुर के अलावा ऊझी घाटी के हरिपुर, धार्मिक नगरी मणिकर्ण, नग्गर के ठावा तथा धार्मिक स्थल वशिष्ठ में भी देव परंपरा के तहत दशहरा का शुभारंभ हो गया है। बताया जाता है कि उपरोक्त सभी जगह भगवान रघुनाथ का इतिहास जुड़ा है। मणिकर्ण और हरिपुर दशहरा में स्थानीय देवी-देवताओं ने रथयात्रा में भाग लिया। बता दें कि 1650 को जब भगवान रघुनाथ को अयोध्या से कुल्लू लाया था तो सबसे पहले भगवान रघुनाथ की मूर्ति को गड़सा घाटी के मकराहड़ में रखा गया था। इसके बाद मणिकर्ण तथा बाद में जिला मुख्यालय के रघुनाथपुर में लाया गया। वशिष्ठ में भगवान राम का मंदिर, हरिपुर और नग्गर में मुरलीधर (श्रीकृष्ण) के मंदिर हैं। हरिपुर में मंगलवार को परंपरागत तरीके से ठाकुर माधोराय की भव्य रथयात्रा निकाली गई। जिला देवी-देवता कारदार संघ के पूर्व अध्यक्ष दोतराम ठाकुर ने कहा कि ढालपुर के अलावा दशहरा हरिपुर, मणिकर्ण, ठावा और वशिष्ठ में मनाया जाता है। यहां देवी-देवताओं की उपस्थिति में दशहरा उत्सव की परंपराओं को निभाया जाता है। उपरोक्त सभी जगह भगवान राम का इतिहास और देवालय स्थापित हैं।
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