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बारिश के लिए देवताओं की शरण में पहुंचे लोग
कुल्लू
Updated Sat, 05 Nov 2016 10:04 PM IST
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सूखे के चलते खाली पड़े खेत।
- फोटो : अमर उजाला
जिला कुल्लू में पिछले तीन माह से सूखा पड़ा हुआ है। किसान और बागवान बारिश को लेकर चिंतित हो गए हैं। ऐसे में अब बंजार घाटी के किसान और बागवान बारिश के लिए देवता की शरण में जाने को मजबूर हो गए हैं। देवालयों में जाकर देवता से पूछ का दौर शुरू हो गया है। घाटीवासी चंद्र कुमार, दिनेश सिंह, रामलाल ठाकुर, दीपक कुमार, अश्विनी और भीखू राम के अनुसार रबी की फसल और लहसुन की बीजाई का समय हो चुका है, लेकिन अब तक आसमां से बारिश की एक बूंद भी नहीं टपकी है। उठाऊ सिंचाई योजनाओं की भी घाटी में किसानों को सुविधा नहीं है। ऐसे में अब लोगों का एकमात्र सहारा देवता ही रह गए हैं।
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बंजार में विभिन्न देवताओं के पास हरियानों के द्वारा बारिश के लिए गुहार लगाई जा रही है। देवता द्वारा बताए गए काम को भी करने की लोग हामी भर रहे हैं। अगर नवंबर माह में भी बारिश नहीं होती है तो इसका काफी नुकसान लोगों को झेलना पड़ेगा। तीर्थन घाटी की आराध्य देवी माता गाड़ादुर्गा के पुजारी मुरारी लाल शर्मा ने कहा कि माता गाड़ादुर्गा, देवता चोरल नाग शिल्ल, शेषनाग झुटली और जमदग्रि ऋषि के पास हारियानों ने बारिश के लिए गुहार लगाई है। देवताओं ने गूर के माध्यम से घाटीवासियों की समस्या को हल करने का आश्वासन दिया है। जिला के अन्य देवालयों में देव कार्यक्रमों के दौरान देवताओं से बारिश की गुहार लगाई जा रही है।
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