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नशे से युवाओं का भविष्य हो रहा बर्बाद : साध्वी गरिमा
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कुल्लू के रथ मैदान में चल रही श्रीराम कथा के दौरान दो हाथों को उठाकर जयकारा लगी महिला श्रद्यालू
कुल्लू। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही है और सामाजिक मूल्यों के क्षरण का कारण बन रही है। यह बात साध्वी गरिमा भारती ने ढालपुर में आयोजित श्रीराम कथा में कही।
श्रीराम कथा के छठे दिन कथा व्यास साध्वी गरिमा भारती ने कहा कि भरत को राजपाट की नहीं, बल्कि श्रीराम के सान्निध्य की चाह थी। उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य आध्यात्मिक मूल्यों से दूर होकर सांसारिक प्रलोभनों की ओर अधिक आकर्षित हो रहा है, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
साध्वी ने कहा कि परिवार को संगठित और मजबूत बनाए रखने के लिए परस्पर प्रेम, सम्मान और स्नेह का वातावरण आवश्यक है। उन्होंने लोगों से पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को सहेजने का आह्वान किया।
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कथा वाचन के दौरान उन्होंने कहा कि जब-जब समाज अंधविश्वास और भ्रम के अंधकार में घिरा है, तब-तब तत्ववेत्ता एवं ब्रह्मनिष्ठ सदगुरुओं ने समाज को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी गुरुदेव आशुतोष महाराज के मार्गदर्शन में लाखों अनुयायी समाज उत्थान और मानव कल्याण के कार्यों के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रहे हैं। संवाद
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श्रीराम कथा के छठे दिन कथा व्यास साध्वी गरिमा भारती ने कहा कि भरत को राजपाट की नहीं, बल्कि श्रीराम के सान्निध्य की चाह थी। उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य आध्यात्मिक मूल्यों से दूर होकर सांसारिक प्रलोभनों की ओर अधिक आकर्षित हो रहा है, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
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साध्वी ने कहा कि परिवार को संगठित और मजबूत बनाए रखने के लिए परस्पर प्रेम, सम्मान और स्नेह का वातावरण आवश्यक है। उन्होंने लोगों से पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को सहेजने का आह्वान किया।
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कथा वाचन के दौरान उन्होंने कहा कि जब-जब समाज अंधविश्वास और भ्रम के अंधकार में घिरा है, तब-तब तत्ववेत्ता एवं ब्रह्मनिष्ठ सदगुरुओं ने समाज को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी गुरुदेव आशुतोष महाराज के मार्गदर्शन में लाखों अनुयायी समाज उत्थान और मानव कल्याण के कार्यों के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रहे हैं। संवाद