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Kullu News: अश्लील गालियां देकर भगाईं बुरी शक्तियां
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सैंज के कोठी बनोगी में मनाए गए हूम में जलती मशालों के बीच माता दूर्गा के दर्शन को उमड़ी सैकड़ों
सैंज (कुल्लू)। जिले की सैंज घाटी के पटाहरा में माता दुर्गा के सम्मान में हूम पर्व मनाया गया। सोमवार रात को बनोगी क्षेत्र मशालों की रोशनी से रोशन हुआ तो वहीं अश्लील गालियों से बुरी शक्तियों को भगाया।
मां दुर्गा के दर्शन के लिए पटाहरा गांव में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। रात शुरू होते ही बनोगी कोठी के सोती, करटाह, मातला, शुकारी, भौंरुथाच गांव के लोग जलती मशालों के साथ झीहीरू बोलते हुए मां के मंदिर पटाहरा के लिए रवाना हुए। इसके बाद माता के देवरथ को पारंपरिक वाद्ययंत्रों की देवधुनों के साथ प्रांगण में लाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
मंदिर के प्रांगण में लकड़ी की सैकड़ों मशालें जला कर मां दुर्गा का स्वागत किया गया। मंदिर के मुख्य दरवाजे से माता का रथ बाहर निकलता है और प्रांगण की तीन परिक्रमा पूरी करने के बाद माता नृत्य करती हैं। कुछ देर बाद माता का रथ अपने दूसरे मंदिर देहुरी के लिए रवाना होता है और जलती मशालों के साथ मां दुर्गा के रथ को पूरे लाव-लश्कर के साथ देहुरी पहुंचाया गया। देव परंपरा को निभाने के बाद माता के हारियान मन्याशी गांव के लिए रवाना होते हैं। मन्याशी गांव में 150 फुट लंबी मशाल को प्रज्वलित कर पंडीर ऋषि के मंदिर के प्रांगण में स्थापित किया जाता है। कारदार किशन चंद, गूर डोला सिंह और पुजारी लीलाधर ने कहा कि माता के हूम को मनाया गया है। हजारों लोग इसके साक्षी बने और माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। संवाद
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मां दुर्गा के दर्शन के लिए पटाहरा गांव में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। रात शुरू होते ही बनोगी कोठी के सोती, करटाह, मातला, शुकारी, भौंरुथाच गांव के लोग जलती मशालों के साथ झीहीरू बोलते हुए मां के मंदिर पटाहरा के लिए रवाना हुए। इसके बाद माता के देवरथ को पारंपरिक वाद्ययंत्रों की देवधुनों के साथ प्रांगण में लाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
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मंदिर के प्रांगण में लकड़ी की सैकड़ों मशालें जला कर मां दुर्गा का स्वागत किया गया। मंदिर के मुख्य दरवाजे से माता का रथ बाहर निकलता है और प्रांगण की तीन परिक्रमा पूरी करने के बाद माता नृत्य करती हैं। कुछ देर बाद माता का रथ अपने दूसरे मंदिर देहुरी के लिए रवाना होता है और जलती मशालों के साथ मां दुर्गा के रथ को पूरे लाव-लश्कर के साथ देहुरी पहुंचाया गया। देव परंपरा को निभाने के बाद माता के हारियान मन्याशी गांव के लिए रवाना होते हैं। मन्याशी गांव में 150 फुट लंबी मशाल को प्रज्वलित कर पंडीर ऋषि के मंदिर के प्रांगण में स्थापित किया जाता है। कारदार किशन चंद, गूर डोला सिंह और पुजारी लीलाधर ने कहा कि माता के हूम को मनाया गया है। हजारों लोग इसके साक्षी बने और माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। संवाद
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