कुल्लू। एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन की ओर से एकल अभिनय के माध्यम से कहानियों को प्रस्तुत कर रही है। इसी कड़ी में संस्था के कलाकार रेवत राम विक्की ने मुंशी प्रेम चंद की जगत प्रसिद्ध कहानी पूस की रात का मार्मिक प्रस्तुतीकरण किया। इसका संस्था के टिकरा बाबली स्थित ऐक्टिंग स्टूडियो में प्रस्तुतीकरण किया गया।
एकल अभिनय की कहानी हल्कू नामक एक गरीब किसान की है। वह पोष माह की ठंडी रात में खेत में जंगली जानवरों से फसल की रक्षा करता है। एक दिन वह ठंड से इस कदर कांपता है कि मजबूरन पास के आम के बगीचे में जाकर सूखी पत्तियां इकट्ठा कर उन्हें तापने लगता है। आग के मोह में वह वहां से उठ ही नहीं पाता और जानवर सारी फसल चट कर लेते हैं। सुबह जब उसकी पत्नी मुन्नी आती है तो कहती है कि तुम ऐसे कैसे सो गए। अब मजदूरी कर ही साहूकार का कर्ज चुकाना पड़ेगा। उसके बाद हल्कू मजदूरी करने का मन बनाता है। कहानी दिखाती है कि कैसे पीढ़ी दर पीढ़ी साहूकार महाजनों के कर्जे चुकाते-चुकाते गरीबों के पास अपनी जमीन भी नहीं रहती। इस कहानी को रेवत राम विक्की ने अभिनय के माध्यम से शानदार प्रस्तुत किया। प्रसिद्ध रंगकर्मी केहर सिंह ठाकुर ने कहा कि यह कार्यक्रम में हाल ही में दिल का दौरा पड़ने के कारण दुनिया को छोड़ चुके हिमाचल के युवा रंगकर्मी अभिषेक अबी को समर्पित रहा। 17 जनवरी की शाम को प्रेम चंद की हास्य व्यंग्य से भरपूर कहानी दारोगा जी को देस राज की ओर से प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान ममता