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अधिकारी और जनप्रतिनिधि सीखेंगे आपदा प्रबंधन
अमर उजाला कुल्लू
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:10 PM IST
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विभिन्न विभागों और कुल्लू जिला के नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों को आपदा प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी और प्रशिक्षण मुहैया करवाने के उद्देश्य से सोमवार को जिला परिषद के सम्मेलन कक्ष में पांच दिवसीय व्यापक आपदा कोर्स आरंभ हुआ। यह कोर्स जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण डीडीएमए की ओर से राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एसडीएमए के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम यूएनडीपी के तहत करवाया जा रहा है।
कोर्स के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधीश एवं डीडीएमए के अध्यक्ष हंसराज चौहान ने कहा कि आपदाओं से निपटने के लिए हमारी एक सुनियोजित योजना या ठोस तैयारी होनी चाहिए और इनके प्रति आम जनमानस को जागरूक होना चाहिए। उपमंडल, पंचायत व ग्राम स्तर पर भी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के वालंटियर्स को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले डीडीएमए की प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण समन्वयक हरकंचन सिंह ने जिलाधीश, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कोर्स की रूपरेखा बताई। पहले दिन के विभिन्न सत्रों में यूएनडीपी के आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ मृणाल नाथ और एसडीएमए के विवेक शर्मा ने विभिन्न प्रकार की आपदाओं और उनके कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मृणाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सहित पूरा हिमालय क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से बहुत ही संवदेनशील है। इससे निपटने के लिए हमें हर समय तैयार रहना पड़ेगा। इस अवसर पर जिप अध्यक्ष रोहिणी चौधरी समेत अन्य मौजूद रहे।
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कोर्स के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधीश एवं डीडीएमए के अध्यक्ष हंसराज चौहान ने कहा कि आपदाओं से निपटने के लिए हमारी एक सुनियोजित योजना या ठोस तैयारी होनी चाहिए और इनके प्रति आम जनमानस को जागरूक होना चाहिए। उपमंडल, पंचायत व ग्राम स्तर पर भी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के वालंटियर्स को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले डीडीएमए की प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण समन्वयक हरकंचन सिंह ने जिलाधीश, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कोर्स की रूपरेखा बताई। पहले दिन के विभिन्न सत्रों में यूएनडीपी के आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ मृणाल नाथ और एसडीएमए के विवेक शर्मा ने विभिन्न प्रकार की आपदाओं और उनके कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मृणाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सहित पूरा हिमालय क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से बहुत ही संवदेनशील है। इससे निपटने के लिए हमें हर समय तैयार रहना पड़ेगा। इस अवसर पर जिप अध्यक्ष रोहिणी चौधरी समेत अन्य मौजूद रहे।
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