कुल्लू। जिला कुल्लू की रघुपुर घाटी के गांव बनाला, फनौटी व जुहड़ गांव के देवता नारायण ने 55 साल बाद 70 किलोमीटर पैदल सफर कर जिला मंडी के बूढ़ा केदार में शाही स्नान किया है। पूरे लाव लश्कर के साथ निकले देवता के साथ सैकड़ों हरियान, देवलू व कारकून शामिल रहे। इस दौरान देवता ने मंडी जिले के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल एवं माता शिकारी की वास स्थली जाकर धार्मिक यात्रा की।
माता से देव मिलन के बाद देवता ने जंजैहली घाटी के धार्मिक स्थल बूढ़ा केदार में शाही स्नान किया। बुधवार सुबह देवता नारायण ने देव परंपरा के तहत स्नान किया है। इस दौरान देवलुओं ने भी आस्था की डुबकी लगाई। करीब पांच दिनों तक चलने वाली इस धार्मिक यात्रा में रघुपुर घाटी के गांव बनाला, फनौटी, अपर फनौटी सहित कई गांव के लोग शामिल हुए। देवता के कारदार राममूर्ति, पुजारी पत्थर सिंह, बालक राम, ओम प्रकाश, राजेश, रमेश चंद तथा खेम राज ने कहा कि देवता के रथ को सोने के मुख-मोहरे से सजाया गया है। प्रतिष्ठा होने के बाद देवता ने तीर्थ यात्रा पर जाने की हामी भरी थी। इस पर गांव बनाला, जुहड़ तथा फनौटी गांव के सभी हरियानों ने एक मत के साथ देवता का शिकारी माता व बूढ़ा केदार ले जाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को देवता ने माता शिकारी से देव मिलन किया और बुधवार सुबह बूढ़ा केदार पहुंचकर शाही स्नान किया। 80 वर्षीय बुजुर्ग मंगरू राम ने कहा कि देवता 55 साल बाद शिकारी माता व बूढ़ा केदार के दौरे पर आए हैं। उम्र के इस पड़ाव में वह भी देवता की इस धार्मिक यात्रा के साक्षी बने हैं। स्नान के बाद देवता ने अपने देवालय की ओर कूच किया।