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Kullu News: देवता कशु नारायण के दर्शन के लिए उमड़ेंगे श्रद्धालु
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कल देवता का बनाऊगी गांव में मनाया जाएगा जन्मदिन
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी के शैंशर कोठी में देवता कशु नारायण के दर्शन के लिए सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ेंगे। शैंशर कोठी के बनाऊगी गांव में देवता का जन्मदिन 13 अप्रैल को देव परंपराओं और विधि-विधान के साथ मनाया जाएगा। बनाऊगी गांव में स्थित मुख्य मंदिर में 12 अप्रैल को शाम के समय देवता का रथ सजाया जाएगा और देवता का मुख्य मोहरा भी रथ में सुसज्जित किया जाएगा।
देवता कशु नारायण का यह मुख्य मोहरा 12 अप्रैल को तुंग गांव से बनाऊगी गांव लाया जाएगा और शाम 04:00 बजे इस मोहरे को रथ में लगाया जाएगा। देवता का ये मुख्य मोहरा विगत दो माह से तुंग गांव में रहा। देव नियमों का पालन करते हुए शुक्रवार को हारियान देवता का मोहरा सुबह के समय बनाऊगी गांव के लिए ले जाएंगे तथा शाम को मोहरा रथ में सजेगा।
देवता के पालसरा आलम चंद ने कहा कि दो माह तक बनाऊगी गांव के हारियानों ने देवता कशु नारायण के दर्शन नहीं किए हैं। 12 अप्रैल को देवता का मुख्य मोहरा तुंग से बनाऊगी गांव ले जाया जाएगा और बनाऊगी गांव से करीब 200 मीटर दूर स्थित विशेष जगह पर देवता का स्वागत बनाऊगी के हारियान करेंगे। कहा कि 13 अप्रैल को देवता का जन्मदिवस मनाया जाएगा। इस उत्सव की सभी तैयारियां देव कारकूनों और हारियानों ने पूरी कर दी हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी के शैंशर कोठी में देवता कशु नारायण के दर्शन के लिए सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ेंगे। शैंशर कोठी के बनाऊगी गांव में देवता का जन्मदिन 13 अप्रैल को देव परंपराओं और विधि-विधान के साथ मनाया जाएगा। बनाऊगी गांव में स्थित मुख्य मंदिर में 12 अप्रैल को शाम के समय देवता का रथ सजाया जाएगा और देवता का मुख्य मोहरा भी रथ में सुसज्जित किया जाएगा।
देवता कशु नारायण का यह मुख्य मोहरा 12 अप्रैल को तुंग गांव से बनाऊगी गांव लाया जाएगा और शाम 04:00 बजे इस मोहरे को रथ में लगाया जाएगा। देवता का ये मुख्य मोहरा विगत दो माह से तुंग गांव में रहा। देव नियमों का पालन करते हुए शुक्रवार को हारियान देवता का मोहरा सुबह के समय बनाऊगी गांव के लिए ले जाएंगे तथा शाम को मोहरा रथ में सजेगा।
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देवता के पालसरा आलम चंद ने कहा कि दो माह तक बनाऊगी गांव के हारियानों ने देवता कशु नारायण के दर्शन नहीं किए हैं। 12 अप्रैल को देवता का मुख्य मोहरा तुंग से बनाऊगी गांव ले जाया जाएगा और बनाऊगी गांव से करीब 200 मीटर दूर स्थित विशेष जगह पर देवता का स्वागत बनाऊगी के हारियान करेंगे। कहा कि 13 अप्रैल को देवता का जन्मदिवस मनाया जाएगा। इस उत्सव की सभी तैयारियां देव कारकूनों और हारियानों ने पूरी कर दी हैं।
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