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Kullu News: देवी-देवताओं के साथ नाटी में थिरके श्रद्धालु
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कुल्लू जिला सैंज घटी के शैंशर में विराजमान देवी-देवता।
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न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी की शैंशर कोठी के आराध्य देवता मनु ऋषि के सम्म्मान में बाहुगा मेला मनाया गया। घाटी के धारा देहुरा गांव में शुक्रवार को मेले का आयोजन किया गया। देवता मनु ऋषि के अलावा मैल की माता शतरूपा, शांघड़ के देवता शंगचूल महादेव और बागीशियाड़ी के देवता जगथम ऋषि लाव-लश्कर और वाद्ययंत्रों की थाप पर मेले की शोभा बढ़ाने पहुंचे।
अपने आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन पाने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने धारा देहुरा में स्थित मंदिर में हाजिरी भरी। आराध्य देवी-देवताओं के समक्ष शीश नवाकर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। मेले का आगाज देव परंपराओं के अनुसार हुआ। सुबह वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों के बीच पूजा-पाठ किया गया।
दोपहर बाद देवता मनु ऋषि, माता शतरूपा, देवता जगथम और शंगचूल महादेव के देव रथों के साथ मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं और हारियानों ने नाटी डाली। इस देव-मानस के प्रेम को भक्तों ने मोबाइल के कैमरे में कैद किया।
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कारदार प्रेम सिंह ठाकुर ने कहा कि देवता मनु ऋषि के जन्मदिवस बैसाख संक्रांति के दो दिन बाद मेला मनाया जाता है। इस साल देवता का जन्मदिवस मनाया गया था और इसके ठीक दस दिन बाद धारा देहुरा में देवता के सम्मान में बाहुगा मेला मनाया गया। इसमें क्षेत्र के चार देवी-देवताओं ने लाव-लश्कर के साथ पहुंचकर शोभा बढ़ाई है। संवाद
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अपने आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन पाने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने धारा देहुरा में स्थित मंदिर में हाजिरी भरी। आराध्य देवी-देवताओं के समक्ष शीश नवाकर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। मेले का आगाज देव परंपराओं के अनुसार हुआ। सुबह वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों के बीच पूजा-पाठ किया गया।
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दोपहर बाद देवता मनु ऋषि, माता शतरूपा, देवता जगथम और शंगचूल महादेव के देव रथों के साथ मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं और हारियानों ने नाटी डाली। इस देव-मानस के प्रेम को भक्तों ने मोबाइल के कैमरे में कैद किया।
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कारदार प्रेम सिंह ठाकुर ने कहा कि देवता मनु ऋषि के जन्मदिवस बैसाख संक्रांति के दो दिन बाद मेला मनाया जाता है। इस साल देवता का जन्मदिवस मनाया गया था और इसके ठीक दस दिन बाद धारा देहुरा में देवता के सम्मान में बाहुगा मेला मनाया गया। इसमें क्षेत्र के चार देवी-देवताओं ने लाव-लश्कर के साथ पहुंचकर शोभा बढ़ाई है। संवाद