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Kullu News: देवी भागवत कथा बनी सेवा और समर्पण का महायज्ञ
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मनाली के हिडिंबा मदिंर में श्रीमद देवी भागवत सुनने उमड़ी भीड़।-संवाद
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मनाली। माता हिडिंबा मंदिर परिसर ढूंगरी में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा एवं महायज्ञ केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सहभागिता, सेवा और समर्पण का भी प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। कथा स्थल पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए संचालित भंडारे और अन्य व्यवस्थाओं में बड़ी संख्या में लोग स्वेच्छा से श्रमदान कर रहे हैं।
आयोजन में केवल ढूंगरी और ओल्ड मनाली के लोग ही नहीं, बल्कि बुरुआ, मझाच, शनाग, सियाल, छियाल, नसोगी, सिमसा और कन्याल सहित आसपास के कई गांवों के श्रद्धालु भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। सुबह से देर शाम तक युवा और बुजुर्ग भंडारे की व्यवस्था, भोजन परोसने, सफाई और अन्य कार्यों में निस्वार्थ भाव से सेवा दे रहे हैं।
विभिन्न गांवों के लोग बिना किसी भेदभाव के एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाने में योगदान दे रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि सेवा भाव और सामाजिक एकता ही ऐसे आयोजनों की वास्तविक शक्ति है। कथा एवं महायज्ञ के दौरान गो सेवा का भी विशेष संदेश दिया जा रहा है। इसी क्रम में ओल्ड मनाली पंचायत की ओर से प्रतिदिन विधिवत पूजा-अर्चना के बाद एक जीप घास गोसदन के लिए भेजी जा रही है। आयोजकों का कहना है कि धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ समाज और जीव-जंतुओं के प्रति सेवा एवं संवेदनशीलता का संदेश देना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। संवाद
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आयोजन में केवल ढूंगरी और ओल्ड मनाली के लोग ही नहीं, बल्कि बुरुआ, मझाच, शनाग, सियाल, छियाल, नसोगी, सिमसा और कन्याल सहित आसपास के कई गांवों के श्रद्धालु भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। सुबह से देर शाम तक युवा और बुजुर्ग भंडारे की व्यवस्था, भोजन परोसने, सफाई और अन्य कार्यों में निस्वार्थ भाव से सेवा दे रहे हैं।
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विभिन्न गांवों के लोग बिना किसी भेदभाव के एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाने में योगदान दे रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि सेवा भाव और सामाजिक एकता ही ऐसे आयोजनों की वास्तविक शक्ति है। कथा एवं महायज्ञ के दौरान गो सेवा का भी विशेष संदेश दिया जा रहा है। इसी क्रम में ओल्ड मनाली पंचायत की ओर से प्रतिदिन विधिवत पूजा-अर्चना के बाद एक जीप घास गोसदन के लिए भेजी जा रही है। आयोजकों का कहना है कि धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ समाज और जीव-जंतुओं के प्रति सेवा एवं संवेदनशीलता का संदेश देना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। संवाद
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