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कुल्लू में होगी देव संस्कृति शोध संस्थान की स्थापना : गोविंद

Sat, 07 Aug 2021 10:45 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Aug 2021 10:45 PM IST
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Dev Culture Research Institute will be established in Kullu: Govind
अटल सदन कुल्लू में जिला देवी-देवता कारदार संघ की बैठक में संबोतिध करते मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर। - फोटो : Kullu
कुल्लू। हमारी संस्कृति, मान्यताएं व देव परंपराएं बहुत समृद्ध हैं। यहां का जन-जन देव परंपराओं का सम्मान करता है। अटल सदन कुल्लू में शनिवार को हुई जिला देवी-देवता कारदार संघ की बैठक में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने यह बात कही।
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मंत्री ने कहा कि देव संस्कृति व परंपराओं पर विद्वानों ने अनेक प्रकार के शोध किए हैं। इसे देखते हुए कुल्लू में देव संस्कृति शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी। कुल्लू जिले में धार्मिक पर्यटन की काफी संभावना है। देश के विभिन्न राज्यों से ही नहीं, बल्कि विदेशी सैलानी भी यहां की देव संस्कृति से प्रभावित होते हैं। जिले के अनेक देवी-देवताओं के नाम से जो भूमि है, उसका संरक्षण किया जाना चाहिए। कारदार संघ की मांग पर देवी-देवताओं के नाम पर भूमि करने के लिए इसकी निशानदेही करवाई जाएगी। मंत्री ने इसके लिए राजस्व विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए। जिले में 254 देवी-देवता पंजीकृत हैं। अनेक ऐसे देवी-देवता हैं, जो दशहरा महोत्सव में भाग नहीं लेते हैं, इनके नाम पर मंदिरों के आसपास की भूमि की निशानदेही करवाई जानी चाहिए। जिला भाषा अधिकारी सुनीला ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2016 में जिले में साढ़े 47 लाख की नजराना राशि देव-देवताओं को प्रदान की गई। 2017 में 51 लाख, 2018 में 57 लाख के अलावा बजंतरियों को लगभग 30 लाख का मानदेय प्रदान किया गया। शिमला से वर्चुअल माध्यम से जुड़े भाषा संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित ने प्रदेश में देवी-देवताओं को प्रदान की जाने वाले रिवाल्विंग फंड तथा अन्य सहायता राशि के बारे में जानकारी दी। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने भी बैठक में अनेक मुद्दों पर चर्चा करते हुए आवश्यक सुझाव दिए। कुल्लू जिला कारदार संघ के अध्यक्ष जयचंद ठाकुर ने कहा कि संघ देव संस्कृति के संरक्षण संवर्धन में अपना योगदान कर रहा है। ढालपुर मैदान में देवी-देवताओं के बैठने के लिए भूमिगत पीतल की प्लेट लगाकर जगह चिह्नित की जाए। इस मौके पर महासचिव नारायण सिंह व कारदार उपस्थित रहे।
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देवालय के आसपास लगाएं चिंगु, चिनार के पौधे
मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि चिंगु व चिनार के पौधे देवालय के आसपास अधिक संख्या में लगाने चाहिए। इसके लिए उन्होंने कारदार संघ तथा वन विभाग की बैठक तुरंत बुलाने को कहा। कहा कि ढालपुर मैदान 162 बीघा है। यह देव समागम का प्राचीन काल से स्थल रहा है। 1984 में कारदार संघ बना। वर्तमान में जिले में 473 कारदार हैं। आवर्ती निधि योजना के अंतर्गत जिला कुल्लू के 122 मंदिरों को लाभान्वित किया गया, जिनमें सराय निर्माण के लिए सात मंदिरों को सहायता अनुदान राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार मंदिर जीर्णोद्धार योजना के तहत वर्ष 2017 से 2021 तक जिला कुल्लू के मंदिरों को दो करोड़ का सहायता अनुदान दिया गया।
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