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Kullu News: रस्से के सहारे उतारे देव बिजली महादेव
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भ्रैण से पहुंचे जिया गांव, गूरों के देव खेल रही आकर्षण का केंद्र
जिया गांव में बच्चों के साथ खेला लुकाछिपी का खेल
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। देवभूमि कुल्लू में बैसाख संक्रांति आरंभ होते ही विरशू मेलों का आगाज हो गया है। जिले के आराध्य देवता बिजली महादेव लाव-लश्कर के साथ शनिवार को भ्रैंण गांव से खराहल घाटी के जिया गांव के लिए उतरे। ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर पहाड़ी से देवता को रस्से के सहारे निकाला गया। दोपहर बाद देवता को जिया गांव पहुंचाया गया। जिया गांव में पहुंचकर देवता ने गांव के बच्चों के साथ लुकाछिपी का खेल खेला और खेतों में छुपे बच्चों को ढूंढ निकाला। इससे पहले कशावरी घाटी के गांव भ्रैंण में देवता बिजली महादेव के सम्मान में विरशू मेला मनाया गया। इसमें देवता के गूरों की देव खेल आकर्षण का केंद्र बनी। सैकड़ों की संख्या में देवता के दर्शनों के लिए भ्रैंण में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
घाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव हारियान क्षेत्र की परिक्रमा पर निकले हैं। बिजली महादेव की इस परिक्रमा को बैसाख रा फेरा भी कहा जाता है। भ्रैंण गांव में विरशू की परंपरा का निर्वहन करने के बाद देवता सीधी पहाड़ी से उतरते हुए रस्से के सहारे ढोल-नगाड़ों की थाप पर जिया गांव में पहुंचे। इसके बाद देवता ने बच्चों के साथ लुकाछिपी की रस्म भी निभाई।
बिजली महादेव जिया पहुंचने पर बच्चों के साथ खेलते हैं। देवता खेत में छुपे हुए बच्चों को ढूंढ निकालते हैं। जिया पंचायत के प्रधान संजू पंडित ने कहा कि देवता के आगमन को लेकर गांव में खुशी का माहौल है। इस साल शमशी की माता ज्वाला भी जिया आएंगी और जिया विरशू की शोभा बढ़ाएंगी। संवाद
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जिया गांव में बच्चों के साथ खेला लुकाछिपी का खेल
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। देवभूमि कुल्लू में बैसाख संक्रांति आरंभ होते ही विरशू मेलों का आगाज हो गया है। जिले के आराध्य देवता बिजली महादेव लाव-लश्कर के साथ शनिवार को भ्रैंण गांव से खराहल घाटी के जिया गांव के लिए उतरे। ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर पहाड़ी से देवता को रस्से के सहारे निकाला गया। दोपहर बाद देवता को जिया गांव पहुंचाया गया। जिया गांव में पहुंचकर देवता ने गांव के बच्चों के साथ लुकाछिपी का खेल खेला और खेतों में छुपे बच्चों को ढूंढ निकाला। इससे पहले कशावरी घाटी के गांव भ्रैंण में देवता बिजली महादेव के सम्मान में विरशू मेला मनाया गया। इसमें देवता के गूरों की देव खेल आकर्षण का केंद्र बनी। सैकड़ों की संख्या में देवता के दर्शनों के लिए भ्रैंण में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
घाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव हारियान क्षेत्र की परिक्रमा पर निकले हैं। बिजली महादेव की इस परिक्रमा को बैसाख रा फेरा भी कहा जाता है। भ्रैंण गांव में विरशू की परंपरा का निर्वहन करने के बाद देवता सीधी पहाड़ी से उतरते हुए रस्से के सहारे ढोल-नगाड़ों की थाप पर जिया गांव में पहुंचे। इसके बाद देवता ने बच्चों के साथ लुकाछिपी की रस्म भी निभाई।
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बिजली महादेव जिया पहुंचने पर बच्चों के साथ खेलते हैं। देवता खेत में छुपे हुए बच्चों को ढूंढ निकालते हैं। जिया पंचायत के प्रधान संजू पंडित ने कहा कि देवता के आगमन को लेकर गांव में खुशी का माहौल है। इस साल शमशी की माता ज्वाला भी जिया आएंगी और जिया विरशू की शोभा बढ़ाएंगी। संवाद
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