{"_id":"57d2ec044f1c1bbb61317611","slug":"deshra-festival-in-kullu","type":"story","status":"publish","title_hn":"दशहरा में भाग लेने के लिए देवी-देवताओं को हरी झंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दशहरा में भाग लेने के लिए देवी-देवताओं को हरी झंडी
कुल्लू
Updated Fri, 09 Sep 2016 10:39 PM IST
विज्ञापन
अराध्य बिजली महादेव
- फोटो : अमर उजाला
11 से 17 अक्तूबर तक चलने वाले देवी देवताओं के महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव को जिला प्रशासन की तैयारियों के बाद जिला देवी देवता कारदार संघ ने भी अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। दशहरा में भाग लेने के लिए जिले भर के सभी आमंत्रित देवी देवताओं को जिला कारदार संघ ने दशहरा में शामिल होने की हरी झंडी दे दी है। इस साल दशहरा उत्सव समिति ने जिला के 292 देवी देवताओं को निमंत्रण पत्र भेजे हैं। हालांकि अभी उत्सव को एक महीने का समय शेष है बावजूद जिला प्रशासन व देव समाज में दशहरा को लेकर कमर कस ली है।
विज्ञापन
भगवान रघुनाथ मंदिर को प्रदेश सरकार द्वारा ट्रस्ट बनाने की घोषणा के बाद देव समाज ने इसका कड़ा विरोध किया था और कारदार संघ भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह के पक्ष में आया है। ऐसे में दशहरा उत्सव समिति द्वारा देवी देवताओं को भेजे निमंत्रण के बावजूद देवी देवताओं के दशहरा में भाग लेने को लेकर असमंजस की स्थिति थी, लेकिन गत दिनों हुई जिला देवी-देवता कारदार संघ की कोर कमेटी की बैठक में जहां दशहरा उत्सव को लेकर चर्चा की। वहीं जिला भर के देवी देवताओं को दशहरा पर्व में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है। बैठक में भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जिला देवी देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि कारदार संघ ने जिला के सभी देवी देवताओं के कारदारों को दशहरा उत्सव की तैयारियां शुरू करने को कहा है। दशहरा उत्सव को भगवान रघुनाथ के सानिध्य में मनाया जाता है और जिला भर के सैकड़ों देवी देवता इसमें भाग लेते हैं। दशहरा का असली स्वरूप व इसकी पहचान भगवान रघुनाथ और देवी देवता हैं।
विज्ञापन