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आपदाओं से निपटने के लिए तालमेल के साथ कार्य करें विभाग: ऋचा वर्मा
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कुल्लू। उपायुक्त कुल्लू डॉ. ऋचा वर्मा ने कहा कि मानसून में आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों को उपयुक्त तालमेल के साथ एक टीम की तरह कार्य करना चाहिए।
आपदा के दौरान क्षति को कम करने और राहत तथा बचाव कार्यों में प्रत्येक विभाग और व्यक्ति का योगदान आवश्यक है। शुक्रवार को मानसून को लेकर हुई जिला स्तरीय बैठक में डीसी ने कहा कि कुल्लू जिला अनेक प्रकार की आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील है और पहले से ही सभी विभागों को आवश्यक एहतियाती प्रबंध कर लेने चाहिए।
कहा कि मानसून के दौरान बादल फटना, ल्हासे गिरनाख् भूस्खलन जैसी समस्याएं अधिक रहती हैं। लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सड़कों के आसपास नालियों और पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए।
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उन्होंने संबंधित विभागों को आपदा की दृष्टि से जिले के संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर इसकी रिपोर्ट सौंपने को कहा। जलशक्ति विभाग को पानी की कमी वाले क्षेत्रों में हैंडपंपों को तुरंत क्रियाशील करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के सहयोग से पारंपरिक जल स्रोतों, बावड़ियों को साफ करने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी आपदा में पुलिस और होम गार्ड को अपनी टीमें तैयार रखनी चाहिए। जिले में 67 होमगार्ड की सात बचाव टीमें बनाई गई हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर बुलाया जा सकता है। बरसात के दौरान होने वाली बीमारियों की पर्याप्त दवाइयां और उपकरणों की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं। ऋचा वर्मा ने कहा कि बहुत से सैलानी तेज बहाव वाली नदियों के समीप शिलाओं पर चढ़कर सेल्फी लेते नजर आते हैं और इस दौरान दुर्घटना का शिकार भी बन जाते हैं। उन्होंने सभी एसडीएम को नदियों के किनारे शीघ्र चेतावनी बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस भी ऐसे संवेदनशील स्थलों पर सैलानियों को नदी के समीप जाने से रोके और स्थानीय लोगों से भी इस संबंध में पर्यटकों को सचेत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पार्वती नदी में पूर्व में अनेक घटनाएं देखने को मिली हैं। इन्हें रोकने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग लिया जाना चाहिए। बैठक में एडीएम कुल्लू एसके पराशर, एसडीएम रमन घरसंगी, एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया, एसडीएम बंजार हेम राज और एसडीएम आनी चेत सिंह के अलावा पुलिस होमगार्ड कमांडेंट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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आपदा के दौरान क्षति को कम करने और राहत तथा बचाव कार्यों में प्रत्येक विभाग और व्यक्ति का योगदान आवश्यक है। शुक्रवार को मानसून को लेकर हुई जिला स्तरीय बैठक में डीसी ने कहा कि कुल्लू जिला अनेक प्रकार की आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील है और पहले से ही सभी विभागों को आवश्यक एहतियाती प्रबंध कर लेने चाहिए।
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कहा कि मानसून के दौरान बादल फटना, ल्हासे गिरनाख् भूस्खलन जैसी समस्याएं अधिक रहती हैं। लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सड़कों के आसपास नालियों और पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए।
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उन्होंने संबंधित विभागों को आपदा की दृष्टि से जिले के संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर इसकी रिपोर्ट सौंपने को कहा। जलशक्ति विभाग को पानी की कमी वाले क्षेत्रों में हैंडपंपों को तुरंत क्रियाशील करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के सहयोग से पारंपरिक जल स्रोतों, बावड़ियों को साफ करने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी आपदा में पुलिस और होम गार्ड को अपनी टीमें तैयार रखनी चाहिए। जिले में 67 होमगार्ड की सात बचाव टीमें बनाई गई हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर बुलाया जा सकता है। बरसात के दौरान होने वाली बीमारियों की पर्याप्त दवाइयां और उपकरणों की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं। ऋचा वर्मा ने कहा कि बहुत से सैलानी तेज बहाव वाली नदियों के समीप शिलाओं पर चढ़कर सेल्फी लेते नजर आते हैं और इस दौरान दुर्घटना का शिकार भी बन जाते हैं। उन्होंने सभी एसडीएम को नदियों के किनारे शीघ्र चेतावनी बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस भी ऐसे संवेदनशील स्थलों पर सैलानियों को नदी के समीप जाने से रोके और स्थानीय लोगों से भी इस संबंध में पर्यटकों को सचेत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पार्वती नदी में पूर्व में अनेक घटनाएं देखने को मिली हैं। इन्हें रोकने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग लिया जाना चाहिए। बैठक में एडीएम कुल्लू एसके पराशर, एसडीएम रमन घरसंगी, एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया, एसडीएम बंजार हेम राज और एसडीएम आनी चेत सिंह के अलावा पुलिस होमगार्ड कमांडेंट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।