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Kullu News: सात दिन से मलाणा में अंधेरा, कुल्लू में 18 सड़कें अभी बंद
Wed, 07 Aug 2024 05:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 07 Aug 2024 05:34 AM IST
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कुल्लू। 31 जुलाई की रात को मलाणा में बादल फटने के बाद आई आपदा और भारी बारिश ने मलाणा वासियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन 2500 आबादी वाला मलाणा गांव अभी भी अंधेरे में डूबा हुआ है। गांव की स्थिति का भी सही से पता नहीं चल पा रहा है, क्योंकि सभी फोन बंद होने के कारण वहां के लोग मदद के लिए संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
इसके अलावा, सैंज के अति दुर्गम गांव मझाण में भी सात दिनों से बिजली नहीं है। यह गांव सड़क से करीब नौ किलोमीटर दूर है और इन इलाकों में सात बिजली के ट्रांसफार्मर बंद हैं। बिजली की तारों और गिरे खंभों को ठीक करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सड़कों की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है।
जिले में 18 सड़कों पर यातायात प्रभावित है, जिसमें आनी-निरमंड क्षेत्र में सबसे अधिक 13 सड़कें, कुल्लू में एक और मनाली में चार सड़कें अवरुद्ध हैं। राहत की बात यह है कि कुल्लू-मनाली हाईवे तीन और औट-बंजार-आनी हाईवे-305 को एनएच अथॉरिटी ने बहाल कर दिया है।
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53 पेयजल योजनाएं अभी भी ठप
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पीने के पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। जिले में 141 पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचा था, जिसमें से 88 योजनाओं को दो दिन में बहाल कर दिया गया है। लेकिन अब भी 53 योजनाएं विभाग के लिए चुनौती बनी हुई हैं। आनी-निरमंड में 29, लारजी में 24 और मनाली में 10 पेयजल योजनाएं अभी भी अस्त-व्यस्त हैं।
युद्धस्तर पर चल रहे बहाली कार्य : एडीएम
हालांकि, राहत की बात यह है कि बादल फटने और भारी बारिश के बाद से कुल्लू घाटी में मौसम साफ है, जिससे जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सड़क, बिजली और पेयजल योजनाओं को बहाल करने में आसानी हो रही है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अश्वनी कुमार ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
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इसके अलावा, सैंज के अति दुर्गम गांव मझाण में भी सात दिनों से बिजली नहीं है। यह गांव सड़क से करीब नौ किलोमीटर दूर है और इन इलाकों में सात बिजली के ट्रांसफार्मर बंद हैं। बिजली की तारों और गिरे खंभों को ठीक करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सड़कों की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है।
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जिले में 18 सड़कों पर यातायात प्रभावित है, जिसमें आनी-निरमंड क्षेत्र में सबसे अधिक 13 सड़कें, कुल्लू में एक और मनाली में चार सड़कें अवरुद्ध हैं। राहत की बात यह है कि कुल्लू-मनाली हाईवे तीन और औट-बंजार-आनी हाईवे-305 को एनएच अथॉरिटी ने बहाल कर दिया है।
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53 पेयजल योजनाएं अभी भी ठप
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पीने के पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। जिले में 141 पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचा था, जिसमें से 88 योजनाओं को दो दिन में बहाल कर दिया गया है। लेकिन अब भी 53 योजनाएं विभाग के लिए चुनौती बनी हुई हैं। आनी-निरमंड में 29, लारजी में 24 और मनाली में 10 पेयजल योजनाएं अभी भी अस्त-व्यस्त हैं।
युद्धस्तर पर चल रहे बहाली कार्य : एडीएम
हालांकि, राहत की बात यह है कि बादल फटने और भारी बारिश के बाद से कुल्लू घाटी में मौसम साफ है, जिससे जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सड़क, बिजली और पेयजल योजनाओं को बहाल करने में आसानी हो रही है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अश्वनी कुमार ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।