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उत्कृष्ट आय का विकल्प हो सकता है औषधीय पौधों की खेती : एसडीएम
Thu, 24 Oct 2024 08:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 24 Oct 2024 08:12 AM IST
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औषधीय खेती की कार्यशाला में भाग लेते किसान और वैज्ञानिक। -संवाद
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल-स्पीति में उच्च हिमालय के औषधीय पौधों की खेती, मूल्य संवर्धन और विपणन को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन एसडीएम उदयपुर केशव राम ने किया। यह कार्यक्रम आयुष मंत्रालय, राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड और क्षेत्रीय एवं सुगमता केंद्र उत्तर भारत के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
एसडीएम केशव राम ने कहा कि औषधीय पौधों की खेती एक उत्कृष्ट आय का विकल्प है, जिसे प्रदेश, देश और विश्व स्तर पर अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने लाहौल-स्पीति को औषधीय पौधों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाने पर जोर दिया, जिससे यह क्षेत्र वैश्विक मानचित्र पर छरमा जैसे औषधीय पौधों के लिए प्रसिद्ध हो सके।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक आरसीएफसीएनआर डॉ. अरुण चंदन ने औषधीय पौधों के संग्रहण, खेती, चुनौतियों और विपणन समस्याओं पर जानकारी दी। सीएसआईआर–आईएचबीटी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अशोक सिंह ने लाहौल-स्पीति में उगने वाले औषधीय पौधों और उनके आर्थिक योगदान पर जोर दिया। शाम के सत्र में जिला परिषद की अध्यक्ष वीना देवी ने कार्यक्रम में भाग लिया और किसानों को प्रशिक्षण के महत्व पर चर्चा की।
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एसडीएम केशव राम ने कहा कि औषधीय पौधों की खेती एक उत्कृष्ट आय का विकल्प है, जिसे प्रदेश, देश और विश्व स्तर पर अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने लाहौल-स्पीति को औषधीय पौधों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाने पर जोर दिया, जिससे यह क्षेत्र वैश्विक मानचित्र पर छरमा जैसे औषधीय पौधों के लिए प्रसिद्ध हो सके।
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कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक आरसीएफसीएनआर डॉ. अरुण चंदन ने औषधीय पौधों के संग्रहण, खेती, चुनौतियों और विपणन समस्याओं पर जानकारी दी। सीएसआईआर–आईएचबीटी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अशोक सिंह ने लाहौल-स्पीति में उगने वाले औषधीय पौधों और उनके आर्थिक योगदान पर जोर दिया। शाम के सत्र में जिला परिषद की अध्यक्ष वीना देवी ने कार्यक्रम में भाग लिया और किसानों को प्रशिक्षण के महत्व पर चर्चा की।
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