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बंजार के बला मंदिर में धारा 144 का उल्लंघन
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अमर उजाला ब्यूरो
बंजार/कुल्लू। उपमंडल बंजार की बलागाड़ पंचायत में देवता मार्कंडेय ऋषि मंदिर में लगी धारा 144 के उल्लंघन का मामला सामने आया है। बला गांव में देवता मार्कंडेय ऋषि के कारिंदों ने पुलिस में इसकी लिखित शिकायत की है। इसके आधार अब पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। मामले में दोषियों के खिलाफ जल्द मामला दर्ज हो सकता है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को लाहुंड में देवता मार्कंडेय ऋषि चैहणी का रथ वापस आते हुए बला गांव में आया, जिसका बला गांव में देवता मार्कंडेय ऋषि के कारकूनों ने विरोध किया। मंदिर में अप्रैल से धारा 144 लगी हुई है। ऐसे में यहां पर नए रथों को प्रवेश करना कानून की धज्जियां उड़ाना है। हालांकि देवता मार्कंडेय ऋषि के एक धार्मिक पर्व में दोनों पक्षों में किसी प्रकार का विवाद न हो, इसलिए यह धारा 144 लगाई गई थी। दोनों पक्षों में यह भी सहमति बनी थी कि लाहुंड का देवता बला मंदिर में नहीं जाएगा, जबकि बला गांव का मार्कंडेय ऋषि लाहुंड गांव में नहीं जाएगा। देवता के कारदार चेतन स्वरूप, पूरन चंद, रविंद्र सिंह, शेर सिंह, उत्तम राम, अनूप राम, कमल राम, पूर्ण चंद, गिरधारी लाल, हरी सिंह, रोशन लाल, लग्र चंद, गिरधारी लाल शर्मा, कमलेश नेगी, शेर सिंह, संगत राम, भीम सेन नेगी, यज्ञा नंद आदि ने कहा कि गैर माफीदार देवता मार्कंडेय व त्रिपुरा बाला सुंदरी के कारदार और पुजारी ने रथों, जनसमूह और महिलाओं के साथ प्रवेश किया। मामले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त यूनुस से भी मिला। कारकूनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की। इसके बाद उपायुक्त ने जांच के लिए एसडीएम को आदेश भी दिए। मामले की पुष्टि डीएसपी कुल्लू आशीष शर्मा ने की। कहा कि बला में धारा 144 के उल्लंघन की शिकायत मिली है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
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बंजार/कुल्लू। उपमंडल बंजार की बलागाड़ पंचायत में देवता मार्कंडेय ऋषि मंदिर में लगी धारा 144 के उल्लंघन का मामला सामने आया है। बला गांव में देवता मार्कंडेय ऋषि के कारिंदों ने पुलिस में इसकी लिखित शिकायत की है। इसके आधार अब पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। मामले में दोषियों के खिलाफ जल्द मामला दर्ज हो सकता है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को लाहुंड में देवता मार्कंडेय ऋषि चैहणी का रथ वापस आते हुए बला गांव में आया, जिसका बला गांव में देवता मार्कंडेय ऋषि के कारकूनों ने विरोध किया। मंदिर में अप्रैल से धारा 144 लगी हुई है। ऐसे में यहां पर नए रथों को प्रवेश करना कानून की धज्जियां उड़ाना है। हालांकि देवता मार्कंडेय ऋषि के एक धार्मिक पर्व में दोनों पक्षों में किसी प्रकार का विवाद न हो, इसलिए यह धारा 144 लगाई गई थी। दोनों पक्षों में यह भी सहमति बनी थी कि लाहुंड का देवता बला मंदिर में नहीं जाएगा, जबकि बला गांव का मार्कंडेय ऋषि लाहुंड गांव में नहीं जाएगा। देवता के कारदार चेतन स्वरूप, पूरन चंद, रविंद्र सिंह, शेर सिंह, उत्तम राम, अनूप राम, कमल राम, पूर्ण चंद, गिरधारी लाल, हरी सिंह, रोशन लाल, लग्र चंद, गिरधारी लाल शर्मा, कमलेश नेगी, शेर सिंह, संगत राम, भीम सेन नेगी, यज्ञा नंद आदि ने कहा कि गैर माफीदार देवता मार्कंडेय व त्रिपुरा बाला सुंदरी के कारदार और पुजारी ने रथों, जनसमूह और महिलाओं के साथ प्रवेश किया। मामले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त यूनुस से भी मिला। कारकूनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की। इसके बाद उपायुक्त ने जांच के लिए एसडीएम को आदेश भी दिए। मामले की पुष्टि डीएसपी कुल्लू आशीष शर्मा ने की। कहा कि बला में धारा 144 के उल्लंघन की शिकायत मिली है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
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