फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   खोखण नाले पर 17 अवैध कब्जे चिन्हित

खोखण नाले पर 17 अवैध कब्जे चिन्हित

Fri, 12 Oct 2018 07:00 PM IST
Updated Fri, 12 Oct 2018 07:00 PM IST
विज्ञापन
खोखण नाले पर 17 अवैध कब्जे चिन्हित
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

भुंतर (कुल्लू)। भुंतर में वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए वन विभाग ने राजस्व विभाग के सहयोग से अभियान छेड़ दिया है। इसके तहत प्रथम चरण में शुक्रवार को 17 अवैध कब्जों को चिन्हित किया गया है। विभाग की कार्रवाई से अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया।

राजस्व विभाग ने वन महकमा के कर्मचारियों व अधिकारियों का सहयोग करते हुये प्रथम चरण में फाटी खोखण में 17 अवैध कब्जे चिन्हित किए। इन मामलों की पड़ताल कर जल्द ही अवैध कब्जों को हटाया जाएगा। अवैध कब्जों की पहचान कर उनको हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। प्रथम चरण में फाटी खोखण में वन भूमि पर हुए कब्जों की पड़ताल की जा रही है। इसके बाद फाटी शमशी में वन भूमि पर हुए कब्जों की पड़ताल की जाएगी। उसके बाद सभी अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पार्वती वन मंडल के वन मंडलाधिकारी कृपा शंकर ने बताया कि वन विभाग हाईकोर्ट के आदेशानुसार इस मामले में कार्रवाई कर रहा है। जल्द ही अवैध कब्जों की पहचान करके उन्हें हटा दिया जाएगा। तहसीलदार भुंतर दीक्षांत ठाकुर ने बताया कि पार्वती वन मंडल के वनमंडलाधिकारी ने वन भूमि की डिमार्केशन के लिए आवेदन किया था, जिस पर कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि पिछले दिनों खोखन नाले में आई बाढ़ के कारण भुंतर शहर में काफी नुकसान हुआ। अवैध कब्जों से नाले का दायरा बेहद कम हो गया है। बाढ़ की स्थिति में नाले का पानी बाहर निकल गया और बाजार में खूब तबाही मचाई। बाढ़ आने के बाद प्रशासन व वन विभाग ने इस मामले में सख्त रवैया अपनाते हुये खोखण नाले पर हुए अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed