दउठा पंचायत में 1.80 लाख की हेराफेरी
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जिला के उपमंडल बंजार की ग्राम पंचायत देउठा में सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। पंचायत की पूर्व प्रधान पर फर्जी बिल बनाकर 1.80 लाख रुपये की राशि को गबन करने का आरोप लगाया है। गड़बड़झाले का खुलासा एक आरटीआई से हुआ है। आरटीआई पंचायत के ही टिंडा वार्ड के पूर्व वार्ड सदस्य मान सिंह द्वारा ली गई है। मान सिंह समेत अन्य मजदूरों ने पूर्व प्रधान पर आरोप लगाया है कि फर्जी बिल व वाउचर बनाकर मस्ट्रोल भरकर एक लाख 80 हजार रुपये का गबन किया गया है। आरटीआई के अनुसार 2014 में पंचायत देउठा को सामुदायिक भवन देवता जमलू ऋषि गांव टिंडा के लिए सरकार ने एक लाख 50 हजार मंजूर किए थे और इन पैसों से सामुदायिक भवन का काम शुरू किया गया। उपरोक्त रुपये के खर्च होने पर सामुदायिक भवन का कार्य अधूरा रह गया और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने 1.80 लाख की राशि अधूरे काम को पूरा करने मंजूर किए थे।
पूर्व वार्ड पंच और मजदूरों का आरोप है कि पैसा आने के बाद पंचायत प्रधान ने रेत, बजरी, सीमेंट और ढलान के फर्जी बिल-वाउचर और फर्जी मस्ट्रोल भरकर सरकारी धन का गबन कर दिया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब सामुदायिक भवन में काम करने वाले लोगों को मजदूरी तक नहीं मिली पूर्व पंच मान सिंह, आलम चंद, नरोतम सिंह, गुमत राम, दलीप सिंह, दिनेश कुमार, मोहर सिंह, डाबे राम, चंद्र प्रकाश, चुनी लाल, ठाकुर सिंह, चुनी लाल और ठाकर सिंह आदि लोगों ने बताया कि उन्होंने सामुदायिक भवन निर्माण में काम किया है, लेकिन उन्हें आज तक इसकी मजदूरी नहीं मिली है। जिन 17 लोगों का मस्ट्रोल भरा है उन लोगों को कभी भी काम करते हुए नहीं देखा गया है। उपरोक्त लोगों ने विभाग से मांग की है कि उन्हें उनकी मजदूरी दिलाई जाए और इस गड़बड़झाले की जांच की जाए। वहीं ग्राम पंचायत देउठा की पूर्व प्रधान का कहना है कि आरोप निराधार है। काम में कोई भी हेराफेरी नहीं हुई है। उधर, बंजार में हाल ही में बीडीओ का पदभार संभाले बीआर वर्मा ने कहा कि उन्हें इसके बारे मेें जानकारी नहीं है। मामले की विभाग पूरी जांच की जाएगी।