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सरवरी में फूंका मुख्यमंत्री का पुतला
कुल्लू
Updated Mon, 11 Jul 2016 10:08 PM IST
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हड़ताल
- फोटो : demo
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कुल्लू। किन्नौर की शोंगटोंग हाइडल परियोजना में श्रम कानूनों को लागू करवाने को लेेकर सरवरी में सोमवार को सीटू कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। इस दौरान सीटू कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन भी किया। सीटू कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सीटू कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्य उपाध्यक्ष प्रेम गौतम ने कहा कि शोंगटोंग हाइडल परियोजना में श्रम कानूनों को लागू नहीं किया जा रहा है। मजदूर 18 मार्च से हड़ताल पर हैं। प्रदेश सरकार द्वारा मजदूरों को कई प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किन्नौर मेें श्रम कानूनों को लागू नहीं होने दिया जा रहा है।
प्रदेश सरकार विधायक के भाई को फायदा पहुंचाने के लिए अमानवीय तरीके से शोषण करने पर तुली है। शोंगटोंग में हड़ताली मजदूरों के समर्थन में सीटू राज्य उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राकेश सिंघा, सीटू के राज्य महासचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर सचिवालय के बाहर 2 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठे थे। 8 जुलाई को प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा राकेश सिंघा को बेहोशी की हालत में जंगल में फेंका गया। जिसकी सीटू जिला कमेटी ने निंदा की है। सीटू ने सीएम वीरभद्र सिंह को इस्तीफा मांगा है। सीटू ने चेताया है कि प्रदेश सरकार मजदूरों के आंदोलन को दबाना बंद करे अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान सीटू के जिला अध्यक्ष भूप सिंह भंडारी, हिमाचल किसान सभा के जिला महासचिव होतम सिंह सौंखला, अनिल कुमार, चमन लाल, यान सिंह, किशोरी लाल आदि मौजूद रहे।
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