{"_id":"68d96eb08df36659df012f8e","slug":"chariot-wood-brought-from-kamand-in-maharaja-valley-kullu-news-c-89-1-ssml1015-158158-2025-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: महाराजा घाटी के कमांद से लाई रथ की लकड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: महाराजा घाटी के कमांद से लाई रथ की लकड़ी
Sun, 28 Sep 2025 10:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 28 Sep 2025 10:51 PM IST
विज्ञापन
माता भुवनेश्वरी का 50 सालों बाद बनेगा रथ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले की सारी कोठी की अधिष्ठात्री माता भुवनेश्वरी का नया रथ बनाया जा रहा है। इसके लिए रविवार को महाराजा घाटी के कमांद क्षेत्र से लकड़ी लाई गई। गत शनिवार को माता के हजारों श्रद्धालु भेखली स्थित मंदिर से कमांद के लिए निकले थे।
भेखली से लेकर कमांद तक देव वाद्य यंत्रों की धूनों से माहौल भी भक्तिमय रहा था। वहीं, रविवार को श्रद्धालु कमांद क्षेत्र से लकड़ी लेकर वापस मंदिर लौटे हैं।
जिला मुख्यालय ढालपुर में रविवार को भी वाद्य यंत्रों के बीच हजारों श्रद्धालुओं का आगमन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। माता के पुजारी राकेश ने बताया कि मान्यता है कि देवता पराशर ऋषि माता को रथ के निर्माण लिए लकड़ी देते हैं। 50 सालों के बाद माता का नया रथ बनाया जा रहा। फाल्गुन मास में माता ने रथ बनाने के लिए हरियानों को निर्देश दिया था और उसके बाद से रथ बनाने के सभी प्रक्रिया को भी निभाया जा रहा रहा। हजारों श्रद्धालु रथ के निर्माण में प्रयोग होने वाली लकड़ी को लेने के लिए कमांद पहुंचे थे और रविवार को लकड़ी लेकर वापस मंदिर लौटे हैं। उन्होंने कहा कि माता के नए रथ की शोभा को लेकर समस्त सारी कोठी के बाशिंदों में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले की सारी कोठी की अधिष्ठात्री माता भुवनेश्वरी का नया रथ बनाया जा रहा है। इसके लिए रविवार को महाराजा घाटी के कमांद क्षेत्र से लकड़ी लाई गई। गत शनिवार को माता के हजारों श्रद्धालु भेखली स्थित मंदिर से कमांद के लिए निकले थे।
भेखली से लेकर कमांद तक देव वाद्य यंत्रों की धूनों से माहौल भी भक्तिमय रहा था। वहीं, रविवार को श्रद्धालु कमांद क्षेत्र से लकड़ी लेकर वापस मंदिर लौटे हैं।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय ढालपुर में रविवार को भी वाद्य यंत्रों के बीच हजारों श्रद्धालुओं का आगमन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। माता के पुजारी राकेश ने बताया कि मान्यता है कि देवता पराशर ऋषि माता को रथ के निर्माण लिए लकड़ी देते हैं। 50 सालों के बाद माता का नया रथ बनाया जा रहा। फाल्गुन मास में माता ने रथ बनाने के लिए हरियानों को निर्देश दिया था और उसके बाद से रथ बनाने के सभी प्रक्रिया को भी निभाया जा रहा रहा। हजारों श्रद्धालु रथ के निर्माण में प्रयोग होने वाली लकड़ी को लेने के लिए कमांद पहुंचे थे और रविवार को लकड़ी लेकर वापस मंदिर लौटे हैं। उन्होंने कहा कि माता के नए रथ की शोभा को लेकर समस्त सारी कोठी के बाशिंदों में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन