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बच्चों से मारपीट के मामले की निष्पक्ष हो जांच : कमेटी
Thu, 23 Jul 2026 05:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 23 Jul 2026 05:50 AM IST
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कुल्लू। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति जिला कमेटी ने सराज क्षेत्र में दो दिव्यांग बच्चों के साथ कथित रूप से हुई अमानवीय घटना की कड़ी निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है। जिला अखिल भारतीय जनवादी महिला की जिला कमेटी की बैठक बुधवार को अशोक भवन कुल्लू में हुई। इसमें संगठन में अगामी कार्यक्रमों में पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान समिति की जिला अध्यक्ष ममता नेगी ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में गए दोनों दिव्यांग बच्चों को कुछ लड़कों ने पूरी रात बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। घटना में एक बच्चे की आंख की रोशनी गंभीर रूप से प्रभावित हुई, जिसके चलते उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करना पड़ा।
समिति की जिला सचिव चद्रकांता ने कहा कि जिन बच्चों पर मारपीट के आरोप हैं, वे भी नाबालिग बताए जा रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो किशोर न्याय अधिनियम (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) के प्रावधानों के तहत कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने और आरोपित नाबालिगों के साथ भी कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए।
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समिति ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के साथ हिंसा जैसे आरोप बेहद गंभीर हैं। प्रशासन और पुलिस को बिना किसी दबाव या भेदभाव के निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए। समिति ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित बच्चों को शीघ्र न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
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बैठक के दौरान समिति की जिला अध्यक्ष ममता नेगी ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में गए दोनों दिव्यांग बच्चों को कुछ लड़कों ने पूरी रात बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। घटना में एक बच्चे की आंख की रोशनी गंभीर रूप से प्रभावित हुई, जिसके चलते उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करना पड़ा।
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समिति की जिला सचिव चद्रकांता ने कहा कि जिन बच्चों पर मारपीट के आरोप हैं, वे भी नाबालिग बताए जा रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो किशोर न्याय अधिनियम (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) के प्रावधानों के तहत कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने और आरोपित नाबालिगों के साथ भी कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए।
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समिति ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के साथ हिंसा जैसे आरोप बेहद गंभीर हैं। प्रशासन और पुलिस को बिना किसी दबाव या भेदभाव के निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए। समिति ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित बच्चों को शीघ्र न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।