{"_id":"61670c60704dbd4f3627e2cf","slug":"bijali-mahadev-will-come-out-with-devotees-today-kullu-news-sml3871244102","type":"story","status":"publish","title_hn":"दशहरा के लिए लाव-लश्कर के साथ आज निकलेंगे बिजली महादेव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दशहरा के लिए लाव-लश्कर के साथ आज निकलेंगे बिजली महादेव
विज्ञापन
दशहरा उत्सव के लिए रवाना होते सैंज घाटी के वनशिरा देवता।
- फोटो : Kullu
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू। घाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव वीरवार को लाव-लश्कर के साथ दशहरा उत्सव के लिए रवाना होंगे। वीरवार दोपहर को देवता धार्ठ कठार से हारियानों के साथ देवता प्रस्थान करेंगे।
देवता सेउगी, ठेला, किंजा, जयपुर, डोभी, टापू होते हुुए सुल्तानपुर पहुंचेंगे। इस दौरान बिजली महादेव और भगवान रघुनाथ का भव्य देवमिलन होगा। राजपरिवार देवता से उत्सव के सफल आयोजन को लेकर आशीर्वाद मांगेगा। बिजली महादेव की दशहरा में खास भूमिका रहती है। ढालपुर में आने वाले सैकड़ों देवी-देवता देवमिलन के बाद अपने अस्थायी शिविरों में विराजमान होते हैं। जैसे ही रथयात्रा का समय होता है तो सभी देवता ढालपुर मैदान आ जाते हैं। इस दौरान बिजली महादेव भगवान रघुनाथ के पीछे चलते हैं।
भगवान रघुनाथ के साथ ही वे ढालपुर मैदान में पहुंचते हैं। इसके बाद रथयात्रा में भी देवता का रथ भगवान रघुनाथ के साथ ही चलता है। भगवान रघुनाथ के बाद देवता बिजली महादेव को ही सबसे अधिक नजराना राशि मिलती है। देवता के दशहरा में आने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। कोरोना के चलते वर्ष 2020 के दशहरा में सिर्फ सात देवी देवताओं को ही बुलाया गया था। इसमें बिजली महादेव भी शामिल थे।
विज्ञापन
देवता के दशहरा उत्सव में आने से हारियानों में खुशी की लहर है। इस संबंध में देवता बिजली महादेव के कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि दशहरा में देवता देवलुओं के साथ शामिल होंगे। देवता दशहरे में देव परंपराओं में शामिल होंगे।
विज्ञापन
देवता सेउगी, ठेला, किंजा, जयपुर, डोभी, टापू होते हुुए सुल्तानपुर पहुंचेंगे। इस दौरान बिजली महादेव और भगवान रघुनाथ का भव्य देवमिलन होगा। राजपरिवार देवता से उत्सव के सफल आयोजन को लेकर आशीर्वाद मांगेगा। बिजली महादेव की दशहरा में खास भूमिका रहती है। ढालपुर में आने वाले सैकड़ों देवी-देवता देवमिलन के बाद अपने अस्थायी शिविरों में विराजमान होते हैं। जैसे ही रथयात्रा का समय होता है तो सभी देवता ढालपुर मैदान आ जाते हैं। इस दौरान बिजली महादेव भगवान रघुनाथ के पीछे चलते हैं।
विज्ञापन
भगवान रघुनाथ के साथ ही वे ढालपुर मैदान में पहुंचते हैं। इसके बाद रथयात्रा में भी देवता का रथ भगवान रघुनाथ के साथ ही चलता है। भगवान रघुनाथ के बाद देवता बिजली महादेव को ही सबसे अधिक नजराना राशि मिलती है। देवता के दशहरा में आने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। कोरोना के चलते वर्ष 2020 के दशहरा में सिर्फ सात देवी देवताओं को ही बुलाया गया था। इसमें बिजली महादेव भी शामिल थे।
विज्ञापन
देवता के दशहरा उत्सव में आने से हारियानों में खुशी की लहर है। इस संबंध में देवता बिजली महादेव के कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि दशहरा में देवता देवलुओं के साथ शामिल होंगे। देवता दशहरे में देव परंपराओं में शामिल होंगे।