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मनरेगा में श्रमिकों की हाजिरी लगेगी ऑनलाइन
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फरेंद्र ठाकुर
कुल्लू। अब कुल्लू जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना (मनरेगा) के तहत होने वाले कार्यों में श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी लगेगी। इससे मनमानी का खेल भी खत्म हो जाएगा। इससे रजिस्टर में फर्जी हाजिरी भी नहीं लग पाएगी। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग ने नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर एप तैयार किया है।
एप के माध्यम से कार्य स्थल पर श्रमिकों की हाजिरी मोबाइल पर ऑनलाइन लगाई जाएगी। इसके लिए जिला परियोजना डीआरडीए ने योजना तैयार की गई है। संबंधित वार्ड सदस्यों को हाजिरी लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित वार्ड सदस्य निर्धारित पोर्टल पर श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी लगाएंगे। इस योजना में हाजिरी दिन में दो बार लगाई जाएगी, जिसमें संबंधित श्रमिक का फोटो भी मोबाइल पर खींचा जाएगा। पहले चरण में 20 से अधिक श्रमिकों के सार्वजनिक कार्यों में उनकी ऑनलाइन हाजिरी लगेगी। इसके बाद अन्य कामों पर भी ऑनलाइन हाजिरी को लगाया जाएगा। इस पोर्टल में वार्ड सदस्य कार्यस्थल पर भारत सरकार की ओर से निर्धारित पोर्टल पर समय से सभी श्रमिकों की हाजिरी को फीड करेंगे। अब मनरेगा में कर्मियों की मनमानी पर रोक लगेगी। मनरेगा श्रमिकों की हाजिरी मोबाइल एप से लगने से काम में भी पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों पर फर्जी हाजिरी लगाकर ठगी करने के आरोपों से भी छुटकारा मिलेगा। जिला परियोजना अधिकारी एवं उपनिदेशक डीआरडीए कुल्लू सुरजीत सिंह ने बताया कि नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर एप के माध्यम से श्रमिकों की मोबाइल पर ऑनलाइन हाजिरी लगेगी। इस सार्वजनिक काम में 20 से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं, उनकी पहले चरण में ऑनलाइन हाजिरी लगेगी। संवाद
पहले रजिस्टर या मस्टर रोल पर में लगती थी हाजिरी
इससे पूर्व मनरेगा में श्रमिकों की हाजिरी रजिस्टर या संबंधित पंचायत के मस्टर रोल पर लगाई जाती थी। इसमें काफी त्रुटियां हो जाती थी। इतना ही नहीं, बल्कि मनरेगा में कार्य करने वाले श्रमिकों के कार्य के सापेक्ष फिडिंग में लापरवाही बरती जाती थी। इसके चलते श्रमिकों को मजदूरी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर को पंचायत प्रतिनिधि अपने मोबाइल में डाउनलोड करेंगे। इसके बाद वार्ड सदस्यों को प्रशिक्षण देकर जिम्मेदारी सौंपेंगे।
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कुल्लू। अब कुल्लू जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना (मनरेगा) के तहत होने वाले कार्यों में श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी लगेगी। इससे मनमानी का खेल भी खत्म हो जाएगा। इससे रजिस्टर में फर्जी हाजिरी भी नहीं लग पाएगी। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग ने नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर एप तैयार किया है।
एप के माध्यम से कार्य स्थल पर श्रमिकों की हाजिरी मोबाइल पर ऑनलाइन लगाई जाएगी। इसके लिए जिला परियोजना डीआरडीए ने योजना तैयार की गई है। संबंधित वार्ड सदस्यों को हाजिरी लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित वार्ड सदस्य निर्धारित पोर्टल पर श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी लगाएंगे। इस योजना में हाजिरी दिन में दो बार लगाई जाएगी, जिसमें संबंधित श्रमिक का फोटो भी मोबाइल पर खींचा जाएगा। पहले चरण में 20 से अधिक श्रमिकों के सार्वजनिक कार्यों में उनकी ऑनलाइन हाजिरी लगेगी। इसके बाद अन्य कामों पर भी ऑनलाइन हाजिरी को लगाया जाएगा। इस पोर्टल में वार्ड सदस्य कार्यस्थल पर भारत सरकार की ओर से निर्धारित पोर्टल पर समय से सभी श्रमिकों की हाजिरी को फीड करेंगे। अब मनरेगा में कर्मियों की मनमानी पर रोक लगेगी। मनरेगा श्रमिकों की हाजिरी मोबाइल एप से लगने से काम में भी पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों पर फर्जी हाजिरी लगाकर ठगी करने के आरोपों से भी छुटकारा मिलेगा। जिला परियोजना अधिकारी एवं उपनिदेशक डीआरडीए कुल्लू सुरजीत सिंह ने बताया कि नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर एप के माध्यम से श्रमिकों की मोबाइल पर ऑनलाइन हाजिरी लगेगी। इस सार्वजनिक काम में 20 से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं, उनकी पहले चरण में ऑनलाइन हाजिरी लगेगी। संवाद
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पहले रजिस्टर या मस्टर रोल पर में लगती थी हाजिरी
इससे पूर्व मनरेगा में श्रमिकों की हाजिरी रजिस्टर या संबंधित पंचायत के मस्टर रोल पर लगाई जाती थी। इसमें काफी त्रुटियां हो जाती थी। इतना ही नहीं, बल्कि मनरेगा में कार्य करने वाले श्रमिकों के कार्य के सापेक्ष फिडिंग में लापरवाही बरती जाती थी। इसके चलते श्रमिकों को मजदूरी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर को पंचायत प्रतिनिधि अपने मोबाइल में डाउनलोड करेंगे। इसके बाद वार्ड सदस्यों को प्रशिक्षण देकर जिम्मेदारी सौंपेंगे।
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