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सात साल में दूसरी बाद होगी सेब की बंपर पैदावार
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कुल्लू की भुंतर सब्जी मंडी में सेब की पैकिंग में जुटे पैकर।
- फोटो : Kullu
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कुल्लू। बागवानी के लिए विख्यात कुल्लू घाटी में साल दर साल सेब का उत्पादन गिरने लगा था। लेकिन, इस बार 2014 के बाद दूसरी बार सेब की बंपर पैदावार की उम्मीद है। जबकि, पिछले साल के मुकाबले यह दोगुना से अधिक है। घाटी में एक दशक से लगातार गिर रहे सेब उत्पादन से बागवानों की चिंता बढ़ने लगी थी और हर साल जिला में सेब उत्पादन में भारी गिरावट आने लगी। साल 2018 में तो सेब का उत्पादन सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया था और एक करोड़ सेब की पेटियों के उत्पादन वाले जिला कुल्लू में मात्र 38 लाख सेब पेटियों को देश की विभिन्न सब्जी मंडियों को भेजा गया था। यह उत्पादन 11 सालों में सबसे कम रिकॉर्ड किया गया था लेकिन इस साल जिला कुल्लू में 2014 के बाद दूसरी बार रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद है।
इस साल जिले में 75 लाख से भी सेब पेटियों के उत्पादन होने का लक्ष्य रखा गया है। सेब उत्पादन को लेकर बागवानी विभाग की ओर से किए गए फाइनल सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। हैरानी की बात है कि 2016 से लेकर लगातार तीन सालों तक जिले के बागवानों पर मौसम की मार ऐसी पड़ी कि उत्पादन 45 लाख सेब पेटियों से आगे नहीं बढ़ पाया। इस दौरान 60 से 65 फीसदी सेब को ओले, आंधी-तूफान और बेमौसमी हिमपात और बारिश ने तबाह कर दिया था।
जिला उद्यान विभाग के उपनिदेशक राकेश गोयल ने कहा कि जिले में इस साल भी सेब का उत्पादन उम्दा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सर्वे में 75 लाख सेब पेटियों होने का अनुमान है, जो पिछले साल से दोगुना के आसपास है।
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साल सेब उत्पादन लाख पेटियों में
2012-13 70 लाख
2013-14 88 लाख
2014-15 61 लाख
2015-16 72 लाख
2016-17 45 लाख
2017-18 40 लाख
2018-19 38 लाख
2019-20 75 लाख
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इस साल जिले में 75 लाख से भी सेब पेटियों के उत्पादन होने का लक्ष्य रखा गया है। सेब उत्पादन को लेकर बागवानी विभाग की ओर से किए गए फाइनल सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। हैरानी की बात है कि 2016 से लेकर लगातार तीन सालों तक जिले के बागवानों पर मौसम की मार ऐसी पड़ी कि उत्पादन 45 लाख सेब पेटियों से आगे नहीं बढ़ पाया। इस दौरान 60 से 65 फीसदी सेब को ओले, आंधी-तूफान और बेमौसमी हिमपात और बारिश ने तबाह कर दिया था।
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जिला उद्यान विभाग के उपनिदेशक राकेश गोयल ने कहा कि जिले में इस साल भी सेब का उत्पादन उम्दा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सर्वे में 75 लाख सेब पेटियों होने का अनुमान है, जो पिछले साल से दोगुना के आसपास है।
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साल सेब उत्पादन लाख पेटियों में
2012-13 70 लाख
2013-14 88 लाख
2014-15 61 लाख
2015-16 72 लाख
2016-17 45 लाख
2017-18 40 लाख
2018-19 38 लाख
2019-20 75 लाख