सेब बगीचों में ड्रापिंग से बागवान परेशान
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जिला कुल्लू के बागवानों व किसानों की आर्थिकी की रीढ़ सेब फसल पर संकट के बादल अभी छंटे नहीं है। ओलावृष्टि के कहर के बाद अब सेब बगीचों में ड्रापिंग का सिलसिला शुरू हो गया है। सेब के पेड़ों से काफी संख्या में फल जमीन पर गिर रहे हैं। जिससे बागवान चिंतित हो उठे हैं। हाल ही में जिला कुल्लू में ओलावृष्टि से करोड़ों का सेब तबाह कर दिया है। सेब की ड्रापिंग के पीछे नमी का कम होना तथा अधिक तापमान भी माना जा रहा है। इस बार सर्दियों में बहुत कम बर्फबारी हुई है। जिसका असर गर्मियों में सेब फसल पर देखने को मिल रहा है। खराहल घाटी सहित निचले इलाकों में यह समस्या देखने को मिल रही है।
बागवान संजय कुमार, दीपक, मोहन, जगदीश ठाकुर, छप्पे राम, तीर्थ राम, बेलू राम, और टिकम राम ने कहा कि सेब बगीचों में ड्रापिंग का सिलसिला आरंभ हो गया है। घाटी में पारा चढ़ते ही पेड़ों से फल नीचे गिर रहे हैं। इस बार पहले ही सेब फसल कम है। ऐसे में ड्रापिंग से बागवानों को नुकसान हो रहा है। अगर यही प्रक्रिया अधिक समय तक चलती रही तो आने वाले समय में उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा। बागवानी विभाग के डीओ रमेश ठुकराल ने कहा कि इन दिनों सेब बगीचों में ड्रापिंग प्रक्रिया नेचुरल है। जिन पौधों सेब फलों की सेटिंग कमजोर और सही तरीके से नहीं हुई होती है वे फल इस समय के दौरान गिर जाते हैं। अगर किसी बीमारी के कारण ऐसा हो रहा है तो बागवान इसके संबंध में विभाग से संपर्क कर सकते हैं। बागवानों को दवाइयों तथा उचित परामर्श दिया जाएगा।