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सड़क का काम रोक दिया, वन माफिया बेलगाम

Mon, 08 Feb 2016 10:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू Updated Mon, 08 Feb 2016 10:03 PM IST
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anger against forest department

प्रदेश के नंबर वन अखबार ‘अमर उजाला’ की ओर से ‘आपकी आवाज’ के तहत आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने अपनी समस्याओं के अधिकारियों के समक्ष जोरशोर से उठाया। इस अवसर पर आईपीएच, पीडब्ल्यूडी, बिजली बोर्ड, बागवानी तथा वन विभाग के अधिकारियों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना।

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लोगों का सबसे अधिक रोष वन विभाग के प्रति था। लोगों ने कहा कि वन विभाग की लापरवाही के कारण धाराशरण सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। गुस्साए लोगों ने कहा कि वन विभाग सड़क निर्माण का कार्य रोकने तो पहुंच गया लेकिन काईस बीट में हो रहे अवैध कटान को तो रोक नहीं पा रहा है। पंचायत प्रधान ने जब वन विभाग के अधिकारियों से सवाल किया कि काईस बीट में कितने पेड़ कट चुके हैं, तो विभाग के अधिकारी के पास इसका कोई जवाब नहीं था। जब प्रधान ने कार्रवाई के बारे में पूछा तो अधिकारी का जवाब था कि इसके बारे में अब उच्च अधिकारियों को सूचना दी जाएगी। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि अवैध कटान से पानी की पाइपें भी टूट रही हैं, जिससे जलापूर्ति बाधित हो रही है। इसके अलावा लोगों ने पानी के टैंकों की नियमित सफाई की मांग भी की। पंचायत में नए टैंक बनाने और सरकार की ओर से घोषित सब्जी मंडी के लिए बनने वाले पुल का जल्द निर्माण करवाने की मांग उठाई गई। इस अवसर पर आईपीएच विभाग ने टैंक निर्माण के लिए पंचायत से प्रस्ताव मांगा। इसके अलावा सार्वजनिक नलों को भी जल्द लगाने का आश्वासन दिया।
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सड़क से महरूम
1. मनाली विकास मंच के अध्यक्ष धर्मवीर धामी का कहना है कि काईस पंचायत के गांव सड़क सुविधा से महरूम हैं। धारा, शरण और घौट आदि गांव सड़क से वंचित हैं। क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। लैफ्ट बैंक की सड़क की मरम्मत को विभाग खामोशी साधे हुए है।
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पानी की आपूर्ति सही नहीं
2. काईस पंचायत के पूर्व प्रधान परस राम कहते हैं कि वन विभाग की वजह से क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य रुका पड़ा है। पंचायत में पानी की कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन, विभाग की लापरवाही से लोगों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। पंचायत में पानी का आईपीएच विभाग सही संचालन नहीं कर रहा है।
लोग पी रहे गंदा पानी
3. ग्रामीण भेदराम का कहना है कि सरकारी नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं टपकती है। उनका कहना है कि वहीं लोगों को गंदा पानी पीने को मिल रहा है।
बर्बाद हो रहा पानी
4. स्थानीय निवासी एवं काईस सीसे स्कूल के एसएमसी अध्यक्ष देवराज नेगी का कहना है कि स्कूल के पास पानी का टैंक फटा हुआ है। इससे पानी बर्बाद हो रहा है। इस बाबत कई बार विभाग को चेताया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पशु चिकित्सा का लाभ भी नहीं मिल रहा है।
प्रूनिंग की मिले ट्रेनिंग
5. ग्रामीण प्रताप का कहना है कि क्षेत्र में लावारिस पशु परेशानी का सबब बने हुए हैं। उनका कहना है कि लावारिस पशु नकदी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। स्थानीय पंचायत सहित प्रशासन गौसदन बनाने के लिए कोई उचित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बागवानी महकमे को गांव में आकर बागबानों को प्रूनिंग की ट्रेनिंग देनी चाहिए।
स्कूल में खेल मैदान नहीं
6. काईस पंचायत के उपप्रधान कर्मचंद ने कहा कि पिछले वर्ष गुमरग्रां स्कूल की छत आंधी-तूफान से उड़ गई है। कई बार इसके बारे में संबंधित विभाग को अवगत करवाया गया, लेकिन विभाग मरम्मत करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। स्कूल में खेल मैदान भी नहीं है।
नहीं बन रही सब्जी मंडी
7. ग्रामीण सेस राम कहते हैं कि तमाम औपचारिकताओं के बाद भी सब्जी मंडी का निर्माण नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री ने भी स्वयं सब्जी मंडी के निर्माण करने की बात कही है, लेकिन इसके बावजूद सब्जी मंडी का निर्माण नहीं हो रहा है। उन्होंने माता दशमी बारदा के मंदिर प्रांगण में स्ट्रीट लाइटें लगाने का हिमऊर्जा से सिफारिश की है। सब्जी मंडी को बनने वाला पुल भी आज तक नहीं बन पाया हैं।

8. काईस पंचायत प्रधान यूम देवी नेगी ने कहा कि काईस क्षेत्र का वन महकमा बिल्कुल गंभीर नहीं है। जंगल में कितने पेड़ कटते हैं, इस पर वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। लेकिन उनकी पंचायत के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निकलने वाली सड़कों पर वन विभाग रोड़ा बन रहा है। आईपीएच विभाग पानी की जांच नहीं करता है। पंचायत में कोई विभाग का कर्मचारी या अधिकारी लापरवाही बरतता है तो उनके खिलाफ जनता को साथ लेकर पंचायत सड़कों पर उतर आएगी।



बाक्स:
यह कहते हैं अधिकारी
उद्यान विकास अधिकारी डॉ. उत्तम पराशर ने कहा कि स्टाफ की कमी से लोगों तक विभाग की योजनाओं की जानकारी पहुंचाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बागवानों से आग्रह किया है कि विभाग ने किसान एम पोर्टल सेवा शुरू कर दी है। उन्होंने बागवानों से नाम, पता और मोबाइल फोन देने का आग्रह किया है, जिससे बागवानों को तुरंत बागवानी की विभिन्न जानकारी मिल सके। आईपीएच विभाग के जेई गौरव शर्मा ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का जल्द निपटारा किया जाएगा। आइपीएच समय-समय पर टैंकों की सफाई करता है। नए टैंक बनाने के लिए पंचायत प्रस्ताव भेजे। सार्वजनिक नल भी जल्द लगा दिए जाएंगे। पीडब्ल्यूडी के जेई भूपेंद्र वर्मा ने कहा कि लोगों ने सभा में जो मांगें उठाई हैं, उन्हें विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। वन विभाग के बीओ टेक सिंह का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं पर अमल किया जाएगा। वन विभाग के मापदंडों के अनुसार समस्याओं का निदान करने के लिए गंभीरता दिखाई जाएगी। वन कटान की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।



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