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Kullu News: फिर स्थापित होगा इंडो-नॉर्वेजियन ट्राउट फिश फार्म
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पतलीकूहल (कुल्लू)। वर्ष 2024 और 2025 में बडाग्रां नाले में आई बाढ़ के कारण पतलीकूहल स्थित इंडो-नॉर्वेजियन ट्राउट फिश फार्म को भारी नुकसान पहुंचा। अब इस ट्राउट फिश फार्म को फिर से स्थापित करने के लिए मत्स्य विभाग तैयारी में जुट गया है। इस पर विभाग 5.5 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा है।
पतलीकूहल में इंडो-नॉर्वेजियन ट्राउट फिश फार्म प्रदेश में ट्राउट मछली उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। यहां तैयार होने वाली ट्राउट मछली की कुल्लू-मनाली के बड़े हाेटलों और रेस्तरां में मांग रहती है। साथ ही देश के बड़े शहरों में भी ट्राउट भेजी जाती है। इसके अलावा यह फार्म मत्स्य अनुसंधान और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसके दोबारा शुरू होने से ट्राउट उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय मत्स्य पालकों को भी प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी।
2024 ओर 2025 की बरसात में बड़ाग्रां नाले में आई बाढ़ के कारण फार्म को पानी की आपूर्ति करने वाले मोटे पाइप बह गए। इसके बाद यह मत्स्य परियोजना लगभग बंद पड़ी है।
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मत्स्य विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने बताया कि ट्राउट फिश फार्म को नए स्वरूप में पुनर्स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। विभाग इसकी स्थापना पर 5.5 करोड़ रुपये खर्च करेगा और प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही फार्म के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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ट्राउट मछली खाने के फायदे
जो लोग लगातार मछली का सेवन करते हैं उन्हें कैंसर का खतरा कम होता है। मछली में मौजूद फैटी एसिड दिमाग को तेज करने का काम करता है। इसमें पाए जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल के लिए काफी फायदेमंद होता है।
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पतलीकूहल में इंडो-नॉर्वेजियन ट्राउट फिश फार्म प्रदेश में ट्राउट मछली उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। यहां तैयार होने वाली ट्राउट मछली की कुल्लू-मनाली के बड़े हाेटलों और रेस्तरां में मांग रहती है। साथ ही देश के बड़े शहरों में भी ट्राउट भेजी जाती है। इसके अलावा यह फार्म मत्स्य अनुसंधान और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसके दोबारा शुरू होने से ट्राउट उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय मत्स्य पालकों को भी प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी।
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2024 ओर 2025 की बरसात में बड़ाग्रां नाले में आई बाढ़ के कारण फार्म को पानी की आपूर्ति करने वाले मोटे पाइप बह गए। इसके बाद यह मत्स्य परियोजना लगभग बंद पड़ी है।
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मत्स्य विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने बताया कि ट्राउट फिश फार्म को नए स्वरूप में पुनर्स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। विभाग इसकी स्थापना पर 5.5 करोड़ रुपये खर्च करेगा और प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही फार्म के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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ट्राउट मछली खाने के फायदे
जो लोग लगातार मछली का सेवन करते हैं उन्हें कैंसर का खतरा कम होता है। मछली में मौजूद फैटी एसिड दिमाग को तेज करने का काम करता है। इसमें पाए जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल के लिए काफी फायदेमंद होता है।