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Kullu News: केन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल न मिलने से प्रभावित हो रहे कृषि कार्य
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खराहल (कुल्लू)। जिले के पेट्रोल पंपों पर किसानों और बागवानों को केन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल नहीं मिलने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार के इस फैसले से किसान और बागवान नाराज हैं। उनका कहना है कि ईंधन नहीं मिलने से कृषि और बागवानी से जुड़े कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इन दिनों बगीचों में सेब की फसल को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न प्रकार की दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। किसान पॉवर टिलर के माध्यम से घास कटाई और खरीफ फसलों की बिजाई में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में जिले के करीब 75 हजार किसान और बागवान ईंधन की समस्या से जूझ रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब से पेट्रोल पंपों पर केन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगी है, तब से कृषि और बागवानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। समय पर कार्य नहीं होने से उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
घाटी के किसान नेता देवराज नेगी, प्रधान विशाल महंत, पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान मोहन ठाकुर तथा बागवान चमन लाल और गोपाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला किसानों और बागवानों के हित में नहीं है। इसके कारण किसान मक्की, दालों और सब्जियों की बिजाई समय पर नहीं कर पा रहे हैं। बागवान पेट्रोल-डीजल के अभाव में सेब के बगीचों में स्कैब और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से किसानों और बागवानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था में राहत देने की मांग की है।
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सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए
पेट्रोल-डीजल नहीं देने से हजारों किसानों और बागवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ हैं। हाल ही में कुल्लू दौरे पर आए प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार को फलोत्पादक मंडल ने एक प्रस्ताव दिया है और केंद्रीय षेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही इस बारे में उपायुक्त कुल्लू से भी मिलेंगे।
-प्रेम शर्मा, अध्यक्ष, फलोत्पादक मंडल कुल्लू
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इन दिनों बगीचों में सेब की फसल को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न प्रकार की दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। किसान पॉवर टिलर के माध्यम से घास कटाई और खरीफ फसलों की बिजाई में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में जिले के करीब 75 हजार किसान और बागवान ईंधन की समस्या से जूझ रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब से पेट्रोल पंपों पर केन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगी है, तब से कृषि और बागवानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। समय पर कार्य नहीं होने से उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
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घाटी के किसान नेता देवराज नेगी, प्रधान विशाल महंत, पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान मोहन ठाकुर तथा बागवान चमन लाल और गोपाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला किसानों और बागवानों के हित में नहीं है। इसके कारण किसान मक्की, दालों और सब्जियों की बिजाई समय पर नहीं कर पा रहे हैं। बागवान पेट्रोल-डीजल के अभाव में सेब के बगीचों में स्कैब और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से किसानों और बागवानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था में राहत देने की मांग की है।
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सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए
पेट्रोल-डीजल नहीं देने से हजारों किसानों और बागवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ हैं। हाल ही में कुल्लू दौरे पर आए प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार को फलोत्पादक मंडल ने एक प्रस्ताव दिया है और केंद्रीय षेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही इस बारे में उपायुक्त कुल्लू से भी मिलेंगे।
-प्रेम शर्मा, अध्यक्ष, फलोत्पादक मंडल कुल्लू