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तय प्रक्रिया मुताबिक गोद लें बच्चा : डीसी
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Sun, 20 Dec 2015 06:10 PM IST
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जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के विभिन्न प्रावधानों तथा इसके क्रियान्वयन के संबंध में रविवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम पाल रांटा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उपायुक्त राकेश कंवर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट यानी किशोर न्याय, देखरेख तथा सुरक्षा अधिनियम में बाल अधिकारों के संरक्षण का प्रावधान है।
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पीड़ित या प्रताड़ित बच्चों अथवा बेसहारा बच्चों के अलावा किन्हीं कारणों से अपराध करने वाले अठारह वर्ष से कम आयु के बच्चों के अधिकार भी इस अधिनियम में सुनिश्चित किए गए हैं। बाल अपराधों से जुड़े मामलों की जांच और पीड़ित तथा बेसहारा बच्चों के राहत और पुनर्वास के लिए इसमें बहुत स्पष्ट दिशा निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों की जांच आम आपराधिक मामलों की तरह नहीं जाती है। अत: बच्चों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए इस अधिनियम के अनुसार ही कदम उठाने चाहिए। उपायुक्त राकेश कंवर ने कहा कि इच्छुक दंपतियों को इन्हीं प्रावधानों के अनुसार बच्चा गोद लेना चाहिए। कुल्लू जिला में बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड व बाल कल्याण समिति का गठन किया गया है।
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इस मौके पर कुल्लू के सीजेएम अमन सूद ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड और बाल अपराधों की जांच के संबंध में जानकारी दी। लाहौल स्पीति के सीजेएम गौरव महाजन, मनाली के डीएसपी पुनीत रघु, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम प्रबंधक जीके शर्मा ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी प्रताप नेगी आदि मौजूद रहे।
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